फ्रांस में प्रदर्शन के बाद पेरिस में रात को दिखा अलग नजारा, झांकियों और मशालों से जगमगाया नेशन स्क्वायर

फ्रांस में महंगाई, कम वेतन और शिक्षा बजट को लेकर देशभर में प्रदर्शन हुए. इसके बाद पेरिस के नेशन स्क्वायर पर झांकियों और मशालों के साथ रात का अलग नजारा देखने को मिला. प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या को लेकर सरकार और यूनियन के आंकड़े अलग-अलग हैं.

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पेरिस के नेशन स्क्वायर पर जली मशालों की रोशनी. (Photo: Reuters) पेरिस के नेशन स्क्वायर पर जली मशालों की रोशनी. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:50 AM IST

फ्रांस में गुरुवार को दिनभर सड़कों पर प्रदर्शन हुआ, लेकिन रात को पेरिस के नेशन स्क्वायर पर अलग ही नजारा दिखा. यहां रंग-बिरंगी झांकियां निकाली गईं. आसमान में जलती मशालों के साथ रोशनी छोड़ने वाले फ्लेयर्स चमकते नजर आए. यह सब उस दिन हुआ, जब फ्रांस के कई शहरों में छात्र, कर्मचारी और आम लोग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे थे. कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई.

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गुरुवार (5 नवंबर) को पेरिस के नेशन स्क्वायर पर झांकियों और मशालों के साथ लोगों की भीड़ जुटी. दिनभर चले विरोध प्रदर्शनों के बीच रात का यह नजारा चर्चा में रहा. हालांकि, प्रदर्शन के दौरान हर जगह माहौल शांत नहीं रहा. पेरिस और लियोन में कुछ प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हुई. प्रदर्शन खत्म होने के दौरान कुछ लोगों ने आग भी लगा दी, जिसे अधिकारियों ने बुझाया.

प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या पर अलग-अलग दावे

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, फ्रांस के गृह मंत्रालय ने बताया कि देशभर में हुए प्रदर्शनों में करीब 6 लाख लोग शामिल हुए. वहीं, प्रदर्शन आयोजित करने वाली यूनियनों में से एक CGT ने दावा किया कि इसमें 16 लाख लोगों ने हिस्सा लिया. दोनों के आंकड़ों में बड़ा अंतर है. ये प्रदर्शन राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए किए गए. कुछ सरकारी कर्मचारियों ने एक दिन की हड़ताल भी की थी.

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यह भी पढ़ें: सैलरी बढ़ी नहीं, महंगाई आसमान पर... फ्रांस में फूटा गुस्सा, सड़कों पर उतरे 6 लाख लोग

महंगाई और कम वेतन से नाराज हैं लोग

फ्रांस में यह आंदोलन सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं है. लोग बढ़ती महंगाई, कम वेतन और शिक्षा के लिए कम बजट को लेकर नाराज हैं. छात्रों की मांग है कि स्कूलों में बेहतर सुविधाएं मिलें और शिक्षा पर ज्यादा पैसा खर्च किया जाए. वहीं, कर्मचारी वेतन और पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.

यह आंदोलन सितंबर में एक हाईस्कूल में कर्मचारियों की कमी के विरोध से शुरू हुआ था. पहले छात्र स्कूलों की हालत सुधारने और शिक्षा के लिए ज्यादा बजट देने की मांग कर रहे थे. धीरे-धीरे कर्मचारी भी उनके साथ जुड़ गए. अब यह विरोध देश के कई शहरों तक पहुंच चुका है.

स्कूलों से लेकर सार्वजनिक सेवाओं पर पड़ा असर

प्रदर्शन और हड़ताल का असर स्कूलों पर भी पड़ा. फ्रांस के करीब एक तिहाई हाईस्कूल बंद रहे या सामान्य तरीके से काम नहीं कर सके. कुछ जगह छात्रों ने स्कूलों के रास्ते रोके, जबकि कई स्कूलों में शिक्षक हड़ताल पर रहे. कुछ इलाकों में सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हुआ. पेरिस का एफिल टावर भी गुरुवार को बंद रहा.

इस आंदोलन में छात्रों के साथ कर्मचारी और रिटायर हो चुके लोग भी शामिल हुए. उनकी मांग है कि रोजमर्रा की चीजों के बढ़ते दाम के बीच आम लोगों की कमाई भी बढ़नी चाहिए. इसी नाराजगी के चलते फ्रांस में विरोध प्रदर्शन जारी हैं.
 

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