'किडनैपिंग, धर्म परिवर्तन और बाल विवाह...' दर्द सुनाते हुए PAK की अदालत में रो पड़ीं हिंदू बहनें

पाकिस्तान के सिंध प्रांत की 13 और 14 साल की दो नाबालिग हिंदू बहनों का अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन और विवाह करवाने का मामला सामने आया है. कोर्ट में सुनवाई के दौरान बच्चियां भावुक हो गईं और घर वापस जाने की गुहार लगाई.

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पाकिस्तान की अदालत ने नाबालिग बहनों को भेजा सेफ हाउस (Photo: ITG) पाकिस्तान की अदालत ने नाबालिग बहनों को भेजा सेफ हाउस (Photo: ITG)

शालू अवस्थी

  • नई दिल्ली,
  • 20 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:36 AM IST

पाकिस्तान की टांडो अल्लाहयार की इब्राहिम कॉलोनी की 13 और 14 साल की दो नाबालिग हिंदू बहनों की किडनैपिंग, जबरन धर्म बदलने और बाल विवाह करवाने का ताजा मामला सामने आया है. जब कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई तो यह बहनें रो पड़ी.

पाकिस्तान के सिंध से दो नाबालिग हिंदू बहनों के अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन मामले ने सिंध में अल्पसंख्यक बच्चियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर से डर बढ़ा दिया है. दोनों बहनें कच्ची कोल्ही समुदाय से हैं.

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परिवार का आरोप है कि दोनों का अपहरण किया गया और जबरन इस्लाम धर्म कबूल करवाकर अमजद सोलंगी और मंसूर सोलंगी नामक दो मुसलमान युवकों से उनकी शादी करा दी गई. इस मामले को लगभग एक महीना हो गया है. मामला कोर्ट में है और अब तक तीन बार ये बच्चियां कोर्ट में पेश हो चुकी हैं. 

‘हम घर जाना चाहते हैं...’

मामले की सुनवाई के दौरान दोनों बच्चियों को कोर्ट में पेश किया गया. इस दौरान उन्हें परिवार को सौंपने की बजाय एक सेफ हाउस भेज दिया गया. जानकारी के मुताबिक, बच्चियां वहां रोते हुए कह रही थी कि उन्हें वापस अपने घर जाना है. कोर्ट के बाहर भी दोनों बहनें काफी परेशान नजर आई.

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पाकिस्तान में अल्पसंख्यक अधिकार संगठन के संस्थापक और अध्यक्ष शिवा कच्छी भी वहां मौजूद थे. उन्होंने आजतक को बताया कि उन्होंने बच्चियों के परिवार से बातचीत की है. उनका कहना है कि बच्चियां और उनके घर वाले दोनों परेशान हैं. वे घर जाना चाहती हैं लेकिन उन्हें सेफ हाउस भेजा गया है.

वहीं, बच्चियों के परिवार का कहना है कि दोनों नाबालिग हैं. एक की उम्र 13 साल और दूसरे की उम्र 14 साल है. इस मामले ने सिंध में हिंदू समुदायों की चिंता को बढ़ा दिया है. सिंध में पाकिस्तान की सबसे बड़ी हिंदू आबादी रहती है. इस घटना के बाद वहां के लोगों के बीच डर का माहौल है.

एक बच्ची अस्पताल में भर्ती

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक अधिकार संगठन के संस्थापक और अध्यक्ष शिवा कच्छी ने आज तक से बातचीत में बताया कि बच्चियों के बयान नहीं सुने गए. और मेडिकल रिपोर्ट न आने के कारण दोनों को सेफ हाउस भेज दिया गया. उनका आरोप है कि सुनवाई के बाद बच्चियों को जबरन ले जाया गया.

शिवा कच्छी के मुताबिक, बच्चियां अपने माता पिता से गले लगकर रो रही थीं. इस दौरान 13 वर्षीय बच्ची बेहोश हो गई और उसे अस्पताल ले जाया गया. परिवार का कहना है कि उनके साथ नाइंसाफी हो रही है. परिवार ने बताया, 'बच्चों की गुमशुदगी के मामले में शिकायत दर्ज कर FIR भी हुई थी. बच्चियां रिकवर की गईं, लेकिन कोर्ट ने उन्हें सेफ हाऊस भेज दिया.'

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वॉइस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी के मुताबिक, पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों के कथित अपहरण, धर्म-परिवर्तन और शादी के मामलों का एक लगातार चलने वाला पैटर्न दर्ज किया गया है.

UK सरकार द्वारा 'सेंटर फॉर सोशल जस्टिस' के हवाले से दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 2021 और 2024 के बीच अल्पसंख्यक लड़कियों और महिलाओं से जुड़े कम से कम 421 कथित मामले दर्ज किए गए; इनमें 282 पीड़ित हिंदू थीं और 72% मामले सिंध से सामने आए थे. अकेले 2024 में, अधिकारियों ने कम से कम 83 मामले दर्ज किए, जिनमें 63% पीड़ित हिंदू लड़कियां थीं.

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