ईरान-US के बीच फिर पंच बनने को तैयार पाकिस्तान, कहा- हम ईमानदार और सच्चे मध्यस्थ

पाकिस्तान ने ईरान को कहा है कि समझौता कराने के मामले में वो ईमानदार मध्यस्थ है. दरअसल आर्थिक चुनौती, विद्रोह और आतंरिक संकट झेल रहा पाकिस्तान दुनिया की दो चर्चित ताकतों के बीच बातचीत के टेबल पर बैठकर अपनी अहमियत बढ़ाना चाहता है.

Advertisement
ईरान के गृह मंत्री ने आसिम मुनीर से मुलाकात की है. (Photo: Social media) ईरान के गृह मंत्री ने आसिम मुनीर से मुलाकात की है. (Photo: Social media)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:59 PM IST

ईरान और अमेरिका के बीच सुलह कराने की नाकाम कोशिश कर चुके पाकिस्तान ने एक बार फिर से दोनों मुल्कों के बीच सरपंची करने की पेशकश की है. पाकिस्तान ने कहा है कि वह एक ईमानदार और सच्चे मध्यस्थ के तौर पर अपनी भूमिका निभाते रहेगा. 

पाकिस्तान ने मंगलवार को पश्चिम एशिया में हाल ही में बढ़े तनाव पर गहरी चिंता जताई और सभी पक्षों से संयम बरतने और ऐसे कामों से बचने की अपील की जिनसे इलाके में अस्थिरता और बढ़ सकती है. 

Advertisement

अभी ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान आया हुआ है. पाकिस्तान के पीएम ऑफिस ने खाड़ी क्षेत्र में हाल ही में बढ़े तनाव पर गहरी चिंता जताई है. 

पाकिस्तान के विदेश से जुड़े फैसले में सेना की कितनी भूमिका होती है इसका पता इसी बात से चलता है कि ईरानी मंत्री मोमेनी ने रावलपिंडी में जनरल हेडक्वार्टर में चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात की. मिली जानकारी के अनुसार दोनों नेताओं ने आपसी हित, क्षेत्रीय और द्विपक्षीय सुरक्षा और बॉर्डर मैनेजमेंट को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की. 

बयान में कहा गया है कि ईरानी नेता ने क्षेत्रीय तनाव कम करने, तनाव घटाने को बढ़ावा देने और शांति बनाए रखने में पाकिस्तान की लगातार कोशिशों और उसकी डिप्लोमैटिक भूमिका की तारीफ की. 

Advertisement

पाक सेना ने कहा, "यह बैठक क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखने और आपसी खुशहाली को बढ़ावा देने के लिए करीबी तालमेल और सहयोग के तरीकों को बनाए रखने के संकल्प को दोहराने के साथ खत्म हुई."

मोमेनी के साथ हुई बैठक की जानकारी देते हुए पाक के प्रधानमंत्री शरीफ ने सभी पक्षों से संयम बरतने और ऐसे कामों से बचने को कहा जिनसे इलाके में अस्थिरता बढ़ सकती है. 

PAK पीएम के ऑफिस ने कहा, "पाकिस्तान एक ईमानदार और सच्चे मध्यस्थ और मुद्दों को पटरी पर लाने के लिए अपनी भूमिका निभाता रहेगा, प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के प्रति पाकिस्तान की मज़बूत प्रतिबद्धता को दोहराया."

पाकिस्तान ने पहले अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम में मध्यस्थता की थी. 

पाकिस्तान ने बताया कि इस महीने की शुरुआत में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए तेहरान की अपनी यात्रा को याद करते हुए शरीफ़ ने सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं. 

मोमेनी ने अपने प्रतिनिधिमंडल के गर्मजोशी से स्वागत के लिए प्रधानमंत्री शरीफ़ का धन्यवाद किया और ईरानी नेतृत्व की ओर से बधाई और शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि वह द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के लिए वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने "इस्लामाबाद समझौता की अथक मध्यस्थता कोशिशों" के लिए पाकिस्तानी नेतृत्व की गहरी सराहना की. 

Advertisement

पश्चिम एशिया में बिगड़ रहे हालात

मोमेनी का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान के खिलाफ लगातार US हमलों की वजह से पश्चिम एशिया में हालात खराब हो गए हैं. दोनों ओर से बड़े पैमाने पर बमबारी के बावजूद माना जा रहा है कि पाकिस्तान समेत दूसरे मध्यस्थ हमलों को रोकने और दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू करने के लिए पर्दे के पीछे से कोशिश कर रहे थे. 

पाकिस्तान के लिए मुश्किल है मीडिएटर का रोल

पाकिस्तान की इस पेशकश पर सवाल भी उठ रहे हैं. एक्सपर्ट मानते हैं कि अमेरिका के साथ सुरक्षा और रणनीतिक संबंधों वहीं दूसरी ओर ईरान के साथ सीमाई और एनर्जी जरूरतों के कारण पाकिस्तान के लिए पूरी तरह तटस्थ दिखाई देना आसान नहीं होगा. 

ईरान सऊदी अरब पर भी हमला करता है, जबकि पाकिस्तान के सऊदी अरब से डिफेंस डील है और उसे ऐसे किसी हालत में बचाने की जिम्मेदारी भी है.

पाकिस्तान की चिंता का एक बड़ा कारण क्षेत्रीय अस्थिरता भी है. ईरान और अमेरिका के बीच टकराव बढ़ने की स्थिति में इसका असर सीधे पश्चिम एशिया, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ सकता है.

दरअसल मध्यस्थता की पेशकश पाकिस्तान के लिए अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि को मजबूत करने का अवसर है. गंभीर आर्थिक चुनौतियों और घरेलू राजनीतिक दबावों के बीच इस्लामाबाद वैश्विक मंच पर खुद को एक' जिम्मेदार' खिलाड़ी के रूप में प्रस्तुत करना चाहता है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »