पाकिस्तान: AC की आग या खराब ऑक्सीजन पाइप...14 नवजातों को कौन लील गया

इस्लामाबाद के अस्पताल में आग से 14 नवजातों की मौत के बाद वजह पर सवाल उठे हैं. AC से आग लगने के दावे पर संदेह है, जांच में नए सवाल सामने आए हैं.

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पाकिस्तान के सबसे बड़े अस्पताल PIIMS में भीषण आग लगने से 14 बच्चों की मौत हो गई. (File Photo: Reuters) पाकिस्तान के सबसे बड़े अस्पताल PIIMS में भीषण आग लगने से 14 बच्चों की मौत हो गई. (File Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:31 PM IST

पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित सरकारी अस्पताल में आग लगने से 14 नवजातों की मौत के बाद इसकी वजह पर सवाल उठ रहे हैं. शुरुआत में पुराने AC से निकली चिंगारी को आग की वजह बताया गया था. अब इस दावे पर ही संदेह है. ऑक्सीजन पाइपलाइन और बिजली की वायरिंग में गड़बड़ी की भी जांच हो रही है.

यह हादसा बुधवार को पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के गायनेकोलॉजी वार्ड में हुआ. आग नवजात बच्चों के वार्ड तक पहुंच गई. वहां मौजूद डॉक्टरों और नर्सों ने बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन आग बहुत तेजी से फैल गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वास्थ्य समिति के प्रमुख महेश कुमार ने अस्पताल का दौरा किया. उन्होंने बताया कि समिति को कहा गया था कि पुराने AC से चिंगारी निकली थी. मगर वह AC काफी समय से चल ही नहीं रहा था. वार्ड में लगे बाकी दो AC पोर्टेबल थे.

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समिति ने अस्पताल का CCTV फुटेज देखा. इसमें आग की शुरुआत पुराने AC से होती हुई नहीं दिखी. मौके पर मौजूद स्टाफ भी यह नहीं बता सका कि पहली चिंगारी कहां से निकली थी. इस पर समिति ने कहा कि अभी आग की असली वजह साफ नहीं हुई है. इसी वजह से बिजली की वायरिंग और ऑक्सीजन पाइपलाइन को भी जांच के दायरे में रखा गया है.

ऑक्सीजन पाइपलाइन पर क्यों उठे सवाल?

समिति के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि एक मिनट के भीतर पूरा वार्ड इसकी चपेट में आ गया. ऐसे में ऑक्सीजन की सप्लाई भी जांच का अहम हिस्सा बन गई है. ऐसे में समिति यह पता करना चाहती है कि कहीं ऑक्सीजन पाइपलाइन में खराबी तो नहीं थी. दूसरी संभावना बिजली की वायरिंग में गड़बड़ी की है. हालांकि, अभी इनमें से किसी को आग की वजह नहीं माना गया है.

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पुराने वार्ड में क्यों रखे गए थे नवजात?

अस्पताल की व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं. जिस वार्ड में नवजातों को रखा गया था, वह करीब 1990 से इस्तेमाल में है. अस्पताल में नया ब्लॉक भी मौजूद है, जहां बेहतर सुविधाएं हैं. ऐसे में सवाल है कि नवजात बच्चों को पुराने वार्ड में क्यों रखा गया था. अस्पताल प्रबंधन से इस मामले में कई सवाल पूछे गए हैं. जवाब मिलने के बाद हादसे की जिम्मेदारी तय करने की कोशिश की जाएगी.

हादसे के बाद सरकार ने भी जांच के लिए एक समिति बनाई है. उसे 24 से 48 घंटे में अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है. मामले में स्वास्थ्य सचिव मुहम्मद असलम गौरी को निलंबित भी किया गया है.

अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि आग आखिर शुरू कहां से हुई. AC की चिंगारी, बिजली की वायरिंग या ऑक्सीजन पाइपलाइन, वजह सामने आने के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी.
 

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