19 दिन में दाग दीं 4 मिसाइलें... किम जोंग क्या करके मानेंगे? चिंता में साउथ कोरिया-जापान

उत्तर कोरिया ने एक के बाद एक कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर दुनिया को फिर से टेंशन में डाल दिया है. इस साल का यह सातवां और अकेले अप्रैल का चौथा मिसाइल टेस्ट है. इस हरकत के बाद जापान और दक्षिण कोरिया ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है. फिलहाल जापान, अमेरिका और दक्षिण कोरिया मिलकर इन मिसाइलों के डेटा की जांच कर रहे हैं.

Advertisement
उत्तर कोरिया का एक और मिसाइल टेस्ट (Photo: AP) उत्तर कोरिया का एक और मिसाइल टेस्ट (Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:07 PM IST

उत्तर कोरिया ने अपनी उकसावे वाली हरकतों से दुनिया की चिंता एक बार फिर बढ़ा दी है. किम जोंग उन की सेना ने रविवार सुबह एक और बैलिस्टिक मिसाइल दागकर पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया. यह इस साल का सातवां और अकेले अप्रैल महीने का चौथा मिसाइल टेस्ट है, जो उत्तर कोरिया की बढ़ती आक्रामकता को दिखाता है. इस ताजा हरकत के बाद जापान और दक्षिण कोरिया ने फौरन अपना सुरक्षा घेरा कड़ा कर लिया है और दोनों देशों में हाई अलर्ट जारी है. जापान की प्रधानमंत्री सानाए तकाइची ने मोर्चा संभालते हुए साफ कह दिया है कि उनकी सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और दुश्मन की हर हरकत पर उनकी नजर है.
हर हरकत पर उनकी नजर है.

Advertisement

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, जापान सरकार की मानें तो ये मिसाइलें उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय शहर सिनपो से लॉन्च की गई थीं. तकाइची ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आकर लोगों को पूरी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सुबह करीब 6 बजे ये मिसाइल दागी गईं, जो जापान की समुद्री सीमा (EEZ) के बाहर जाकर गिरी. हालांकि मिसाइलें सीमा के बाहर गिरी, लेकिन जिस तरह से मिसाइल छोड़ी गईं, उसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं.

मिसाइल लॉन्च की खबर मिलते ही जापान सरकार ने अपने टॉप लेवल के सुरक्षा नियम लागू कर दिए. प्रधानमंत्री दफ्तर में बिना देरी किए इमरजेंसी बैठक बुलाई गई, जिसमें सभी बड़े विभागों को निर्देश दिया गया कि वे पल-पल की जानकारी जुटाएं. सरकार का सबसे ज्यादा जोर इस बात पर है कि आम जनता को सही समय पर जानकारी मिलती रहे ताकि कोई अफवाह न फैले. इसके साथ ही, समुद्र में मौजूद जहाजों और आसमान में उड़ रहे विमानों की सुरक्षा को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं.

Advertisement

किम जोंग की मिसाइल सनक से बढ़ी दुनिया की धड़कन

इस घटना के बाद से जापान, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच फोन की लाइनें गरम हैं. तीनों देश मिलकर इस बात की जांच कर रहे हैं कि ये मिसाइलें कितनी ताकतवर थीं और उत्तर कोरिया का असली मकसद क्या है. दक्षिण कोरिया की सेना ने भी साफ किया कि ये मिसाइलें सुबह करीब 6:10 बजे छोड़ी गई थीं. अल जजीरा रिपोर्ट के मुताबिक, चौंकाने वाली बात यह है कि उत्तर कोरिया का इस साल का यह सातवां और अकेले अप्रैल महीने का चौथा मिसाइल टेस्ट है. यानी किम जोंग उन पूरी दुनिया को खुली चुनौती दे रहे हैं.

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र (UN) के कड़े नियमों के तहत उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रोग्राम पर पूरी तरह रोक है, लेकिन किम जोंग उन को इन नियमों की कोई परवाह नहीं है. वो इसे अपनी आत्मरक्षा का नाम देकर लगातार मिसाइलें दाग रहे हैं. उत्तर कोरिया की यह हरकत ऐसे वक्त में हुई है जब अगले महीने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात होने वाली है. ऐसे में माना जा रहा है कि किम जोंग उन अपनी ताकत दिखाकर इस बड़ी बैठक पर दबाव बनाना चाहते हैं.

Advertisement

सिर्फ मिसाइलें ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी चेतावनी दी है कि उत्तर कोरिया की परमाणु ताकत अब पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है. किम जोंग उन ने पिछले दिनों ही साफ कर दिया था कि उनका देश अब एक 'परमाणु शक्ति' है और वे इस स्थिति से पीछे हटने वाले नहीं हैं. अब देखना यह है कि उत्तर कोरिया की इस हरकत के बाद जापान- साउथ कोरिया क्या कदम उठाते हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »