भारत सरकार से मदद, मीडिया की रिपोर्टिंग... आपदा में नेपाल के पूर्व विदेश मंत्री ने की तारीफ

रसुवा समेत बाढ़ के दूसरे प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव अभियान तेज कर दिया गया है. इनमें से अब तक 163 विदेशी नागरिकों को भी सुरक्षित निकाला जा चुका है. फिलहाल टनल में फंसे लोगों की तलाश जारी है, इसी बीच नेपाल ने भारत की मदद और सहयोग के लिए आभार जताया है.

Advertisement
नेपाल में आई तबाही के बाद राहत बचाव कार्य जारी है (Photo- रॉयटर्स) नेपाल में आई तबाही के बाद राहत बचाव कार्य जारी है (Photo- रॉयटर्स)

अमित भारद्वाज / पंकज दास

  • नई दिल्ली,
  • 29 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:50 PM IST

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. पहाड़ों से आई तबाही ने रसुवा समेत कई इलाकों में ऐसी त्रासदी मचाई कि हजारों लोगों के जन-जीवन पर गहरा असर पड़ा है. इस बीच नेपाली सेना ने अब तक 2465 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है. इनमें 163 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.

Advertisement

नेपाली सेना के मुताबिक, टिमुरे, स्याफ्रुवेशी, धुन्चे और मैलुंग जैसे प्रभावित इलाकों से हेलीकॉप्टरों के जरिए विदेशी नागरिकों को निकाला गया. इनमें 113 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. इसके अलावा जर्मनी, चीन, अमेरिका, इटली, ओमान और दक्षिण कोरिया के नागरिक भी एयरलिफ्ट किए गए हैं.

सेना द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 2265 लोगों को टनल से निकाला गया, जबकि 200 लोगों को सड़क मार्ग से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया. प्रभावित इलाकों में मेडिकल मदद भी जारी है. त्रिशूली और धुन्चे में बनाए गए आपातकालीन उपचार केंद्रों में अब तक 1706 लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जा चुकी हैं.

'राहत बचाव कार्य के लिए भारत का धन्यवाद'

आजतक को दिए इंटरव्यू में नेपाल के पूर्व विदेश मंत्री नारायण प्रकाश साउद ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से नेपाल को मिली शुरुआती मदद के लिए आभार जताया. उन्होंने कहा कि नेपाल के पास ऐसे बड़े और मुश्किल बचाव अभियान के लिए सभी जरूरी तकनीकी संसाधन नहीं हैं. इसके साथ ही आपदा  कि खबरों पर बात करते हुए एनपी साउद ने नेपाल की आपदा की संवेदनशील रिपोर्टिंग के लिए भारतीय मीडिया का भी आभार जताया.

Advertisement

उन्होंने कहा कि इस बार भारतीय मीडिया ने संकट की गंभीरता को समझते हुए संवेदनशील तरीके से हालातों को सामने रखा. अंतरराष्ट्रीय मीडिया के रवैये पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि 2015 के भूकंप के दौरान जिस तरह की रिपोर्टिंग देखने को मिली थी, इस बार स्थिति उससे अलग रही.

उन्होंने आपदा के दौरान सही और संवेदनशील जानकारी लोगों तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया. बातचीत करते हुए साउद ने यह भी कहा कि 2015 का भूकंप व्यापक इलाके में फैला था, जबकि इस बार तबाही मुख्य रूप से त्रिशूली और नारायणी नदी बेसिन के आसपास केंद्रित है. उन्होंने कैलाश मानसरोवर यात्रा, गोसाईंकुंड मेले और नेपाल-चीन व्यापार गतिविधियों के बढ़ने को इस इलाके में भीड़ होने की वजहों में गिनाया.

यह भी पढ़ें: 18 महीने का मासूम देख रहा पिता की राह... रुला देगी नेपाल बाढ़ में लापता हुए ऊना के इंजीनियर की कहानी

भविष्य के लिए उन्होंने नेपाल, भारत और चीन के बीच बेहतर चेतावनी और संचार व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया, ताकि ऐसी आपदा आने पर लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके.

टनल में फंसे लोगों की तलाश बड़ी चुनौती
बता दें कि बाढ़ ने नेपाल के हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भी बुरी तरह प्रभावित किया है. त्रिशूली-3ए टनल क्षेत्र में बचाव अभियान लगातार चल रहा है. रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 100 लोगों के हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल में फंसे होने की आशंका है.खराब मौसम, मलबे और मुश्किल पहाड़ी रास्तों के कारण राहत दलों के सामने बड़ी चुनौती है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: नेपाल में बाढ़ के बाद नई आफत, झील टूटी तो बढ़ सकता है पानी का बहाव

नेपाली सेना के हजारों जवानों के साथ नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें भी बचाव अभियान में लगी हैं. काठमांडू से सड़क के रास्ते राहत सामग्री त्रिशूली पहुंचाई जा रही है, जिसके बाद हेलीकॉप्टरों से इसे प्रभावित इलाकों तक भेजा जा रहा है.

'जहां जरूरत हो, अंतरराष्ट्रीय मदद लें'
नेपाल कांग्रेस के नेता और पूर्व विदेश मंत्री एनपी साउद ने राहत अभियान को लेकर अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत बताई है. नेपाल में तकनीकी संसाधनों की कमी को देखते हुए उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन सप्लाई और टनल रेस्क्यू के लिए जरूरी उपकरणों में बाहरी मदद ली जा सकती है. उनका कहना है कि नेपाल को भावनात्मक फैसले लेने के बजाय जमीन की स्थिति को देखते हुए जहां जरूरत हो, वहां अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद मांगनी चाहिए.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »