बांग्लादेश के एयरफोर्स ऑफिसर केएम तहसीफ सौरी की मौत पर रहस्य गहराता जा रहा है. पूर्व लेफ्टिनेंट केएम तहसीफ सौरी की बॉडी ढाका में एक नदी में मिली थी. माना जाता है कि केएम तहसीफ सौरी वही शख्स है जिसने कथित रूप से 5 अगस्त 2024 पूर्व पीएम शेख हसीना के देश छोड़ने का वीडियो रिकॉर्ड और शेयर किया था. इसके बाद सौरी को कथित रूप से नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था. बांग्लादेश राजनीति, कूटनीतिक और सोशल गलियारों में उनके कथित रूप से RAW एजेंट होने की चर्चा थी. 'रॉ'भारत की खुफिया एजेंसी है.
ढाका की एक नदी में सौरी का शव मिलने से इस चर्चा ने फिर जोर पकड़ लिया है. अपनी मौत से कुछ महीने पहले सौरी ने एक सनसनीखेज पॉडकास्ट में इन मुद्दों पर बात की थी. साथ ही उन्होंने 2025 में एक स्कूल के पास हुए फाइटर जेट क्रैश के मामले में सरकार की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए थे. इस क्रैश में 35 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी.
जुलाई में एक सोशल मीडिया पॉडकास्ट के दौरान सौरी से पूछा गया कि क्या हसीना के जाने का वीडियो बनाने की वजह से उनकी नौकरी चली गई? तब उन्होंने संक्षेप में जवाब दिया, "हो सकता है."
बांग्लादेश वायु सेना के पूर्व अधिकारी का शव 28 अक्टूबर को ढाका की तुराग नदी में तैरता हुआ मिला. वे 24 घंटे से अधिक समय से लापता थे. 27 अक्टूबर को सौरी अपनी मोटरसाइकिल ठीक कराने के लिए एक दोस्त के साथ घर से निकले थे, लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटे.
'ढाका ट्रिब्यून' की एक रिपोर्ट के अनुसार 28 वर्षीय सौरी के पिता और चचेरे भाई ने आरोप लगाया है कि उनकी हत्या की गई है. जहां पुलिस इस मामले पर कुछ भी बोलने से बच रही है, वहीं सौरी का विवादित अतीत एक बार फिर चर्चा में आ गया है.
शेख हसीना से जुड़ा वीडियो विवाद
5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश से शेख हसीना के जाने के फुटेज को रिकॉर्ड करने और उसे फैलाने में अपनी कथित भूमिका के कारण सौरी पहली बार लोगों की नजर में आए.
ढाका ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार, 28 वर्षीय युवक के पिता और चचेरे भाई ने आरोप लगाया है कि उसकी हत्या की गई है. जहां पुलिस ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है, वहीं सौरी के विवादित अतीत की फिर से जांच-पड़ताल शुरू हो गई है.
भारत की जासूसी के आरोप और एक सनसनीखेज पॉडकास्ट
'जमात-ए-इस्लामी' से जुड़े अखबार 'आमार देश' में छपी एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि हसीना के वीडियो के पीछे सौरी और वायु सेना के एक अन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट रिफत अशरफी का हाथ था. हसीना सरकार ने इस अखबार को बंद कर दिया था, लेकिन दिसंबर 2024 में इसे फिर से शुरू किया गया. इसके मालिक पत्रकार महमूदुर रहमान हैं.
'बीडीन्यूज24' की एक रिपोर्ट के अनुसार अखबार ने यह भी आरोप लगाया कि वायु सेना द्वारा वीडियो की जांच करने पर विभाग के कुछ अधिकारियों और भारत की खुफिया एजेंसी 'रॉ' (RAW) के बीच संबंध सामने आए. इस रिपोर्ट में सौरी का नाम भी शामिल था. इसके बाद कथित तौर पर सरकार ने उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया.
हालांकि बांग्लादेश के 'इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस डायरेक्टोरेट' (ISPR) ने इन आरोपों को तुरंत खारिज कर दिया. ISPR ने इस दावे को भी नकार दिया कि उन्हें सेवा से इसलिए निकाला गया क्योंकि उनके संबंध किसी "विदेशी खुफिया एजेंसी" से थे.
ISPR ने कहा कि इन दोनों अधिकारियों को वायु सेना के मौजूदा नियमों और कानूनों के तहत अलग-अलग परिस्थितियों में उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए सेवानिवृत्त (रिटायर) किया गया था. ISPR के बयान के बावजूद, सौरी के परिवार का दावा है कि उन्हें परेशान किया जा रहा था. उनके एक सहकर्मी ने 'ढाका ट्रिब्यून' को बताया कि 'आमार देश' में लगे आरोपों के बाद सौरी को सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ा.
इस साल जुलाई में सौरी 'स्पीक विद राशिद' नाम के एक पॉडकास्ट में शामिल हुए. जब उनसे पूछा गया कि क्या हसीना का वीडियो रिकॉर्ड करने की वजह से उन्हें वायु सेना की नौकरी से हाथ धोना पड़ा तो सौरी ने जवाब दिया, "हो सकता है."
उन्होंने यह भी कहा कि RAW के साथ उनके कथित संबंधों को लेकर 'आमार देश' में छपी रिपोर्ट महज एक प्रोपेगैंडा था. सौरी ने कहा, "आमार देश' ने जो रिपोर्ट छापी वह असल में किसी तरह का प्रोपेगैंडा ही थी."
पूर्व वायु सेना अधिकारी ने 21 जुलाई 2025 को हुए लड़ाकू विमान हादसे की जांच पर भी सवाल उठाए. बांग्लादेश वायु सेना का एक 'चेंगदू FT-7BGI' ट्रेनिंग लड़ाकू विमान 'माइलस्टोन स्कूल एंड कॉलेज' परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें छात्रों सहित 37 लोगों की मौत हो गई और 170 से अधिक लोग घायल हो गए।.
सौरी के पिता इनायतुल करीम हेलाल ने 'जागो न्यूज़' को बताया कि पॉडकास्ट वायरल होने के बाद से उनका बेटा कभी-कभी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताता था. हेलाल ने कहा, "वह कभी-कभी मुझसे कहता था कि उसे थोड़ी घबराहट हो रही है. लेकिन उसने कभी यह नहीं बताया कि उसे किस बात की चिंता है."
शेख हसीना के बेटे ने मौत पर सवाल उठाए
हसीना के बेटे साजीब वाजेद जॉय ने एक चुभते हुए पोस्ट में कहा कि सौरी एक प्रोपेगेंडा अभियान का शिकार हुए थे.
वाजेद ने ट्वीट किया, "एक साल पहले तुर्की की नागरिकता रखने वाले महमूदुर रहमान के प्रोपेगेंडा तंत्र ने उन्हें एक 'विदेशी एजेंट' करार दिया था. हाल ही के एक पॉडकास्ट में अब दिवंगत हो चुके वायु सेना के सम्मानित अधिकारी ने बताया कि कैसे 'आमार देश' समर्थित उस प्रोपेगेंडा ने उनका करियर बर्बाद कर दिया और उनके जीवन को जहन्नुम बना दिया."
वाजेद ने बताया कि 2025 के क्रैश के बाद सौरी ने वायु सेना के भीतर कई अनियमितताओं का खुलासा किया था जिसमें लड़ाकू विमानों के रखरखाव में कमी भी शामिल थी.
उन्होंने कहा, "उन्होंने अपनी जान को भी खतरा बताया था, क्योंकि उन्होंने वायु सेना के भीतर कुछ ऐसे चौंकाने वाले खुलासे किए थे, जिन्हें अक्सर गोपनीयता की आड़ में छिपा दिया जाता है. उन्होंने 'माइलस्टोन स्कूल' क्रैश की जांच पर सवाल उठाए और उस घटना में मारे गए लोगों की संख्या पर भी संदेह जताया, जिसे यूनुस सरकार छिपाने की कोशिश कर रही थी."
वाजेद ने यह भी दावा किया कि सौरी की मौत के बाद भी जमात के कार्यकर्ताओं ने "महमूदुर रहमान के प्रोपेगेंडा" को फैलाने की अपनी कोशिशें और तेज कर दीं. उन्होंने कहा, "इस अधिकारी पर झूठे आरोप दोहराने की इन हताश कोशिशों का मकसद शायद निष्पक्ष जांच को रोकना और अवामी लीग को और अधिक बदनाम करना है."
अभिषेक डे