नॉर्थ कोरिया के तानाशाह के पिगी बैंक का खुलासा, ऐसे जीता है आलीशान जिंदगी

उत्तर कोरिया मामले के विशेषज्ञों का कहना है कि किम जोंग उन का निजी पिगी बैंक है, जिसके जरिए इन बेशकीमती वस्तुओं की खरीददारी की जाती है. तानाशाह के इस निजी बैंक में गैर कानूनी तरीके से जुटाया गया पैसा जमा किया जाता है. इसके लिए विश्व में अवैध कारोबार किया जाता है.

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उत्तर कोरियाई तानाशाह उत्तर कोरियाई तानाशाह

राम कृष्ण

  • वॉशिंगटन,
  • 21 जून 2017,
  • अपडेटेड 10:05 AM IST

अमेरिका समेत संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध के बावजूद उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन आलीशान जिंदगी जी रहे हैं. दुनिया के सबसे रहस्यमय शख्स माने जाने वाले किम चमचमाती मर्सिडीज बेंज कार के काफिले में चलते हैं और महंगी शराब पीते हैं. उनके पास शानोशौकत की सभी सुविधाएं हैं. अब सवाल यह उठता है कि आखिरकार वैश्विक प्रतिबंध के बावजूद उत्तर कोरिया के तानाशाह को विलासिता की इतनी कीमती वस्तुएं मिलती कैसे हैं?

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मामले के विशेषज्ञों का कहना है कि किम जोंग उन का निजी पिगी बैंक है, जिसके जरिये इन बेशकीमती वस्तुओं की खरीददारी की जाती है. तानाशाह के इस निजी बैंक में गैर कानूनी तरीके से जुटाया गया पैसा जमा किया जाता है. इसके लिए विश्व में अवैध कारोबार किया जाता है. उत्तर कोरिया पर बैंक हैकिंग, हथियारों की बिक्री, ड्रग्स कारोबार, नकली नोटों का कारोबार और दुर्लभ जीव-जंतुओं की तस्करी का आरोप लगता रहा है. माना जा रहा है कि इन गैर कानूनी तरीके से उत्तर कोरिया अच्छी खासी रकम जुटाता है और फिर इससे तानाशाह के लिए भोग विलासिता की वस्तुएं खरीदी जाती हैं. इस पैसे से उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को भी आर्थिक मदद मिलती है.

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया ने साल 2012 में 40 अरब रुपये (64.56 करोड़ डॉलर) की लग्जरी वस्तुएं खरीदी थी. अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन के मुताबिक उत्तर कोरिया का तानाशाह दुनिया की सबसे महंगी मर्सिडीज कार में चलता है. साथ ही बेशकीमती यॉट और रिसॉर्ट में समय गुजारता है. बताया जा रहा है कि तानाशाह हर साल कई करोड़ रुपये की शराब पी जाता है. हाल ही में की तमाम कोशिशों के बावजूद उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम में तेजी से इजाफा हुआ है. उत्तर कोरिया के राजदूतों पर सोने और हथियारों की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगता रहा है.

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पिछले 15 साल से उत्तर कोरिया की आर्थिक गतिविधियों पर नजर रखने वाली शीना ग्रेइटेन के मुताबिक गैर कानूनी तरीके से जुटाया गया पैसा सीधे तानाशाह किम के खाते में जाता है. शीना मिसौरी यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर हैं. उनका कहना है कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उत्तर कोरिया पर दबाव बनाना चाहते हैं, तो उनको सबसे पहले उसके आर्थिक स्रोतों को खत्म करना होगा. वहीं, ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि चीन ने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम रोकने की कोशिश की, लेकिन उसको सफलता नहीं मिली.

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