'अलर्ट रहें क्योंकि...', फ्लाईदुबई हाईजैक के बाद इजराइली राजदूत ने भारत को चेताया

इजरायल के राजदूत ने फ्लाईदुबई विमान में हुई घटना के बाद आतंकवाद को लेकर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल समेत दूसरे देशों को आतंक की नई लहर के लिए तैयार रहना होगा, क्योंकि आतंकी संगठन सुरक्षा एजेंसियों से तेजी से अपनी क्षमता बढ़ा रहे हैं.

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इजरायली राजदूत रियुवेन अजार ने इंटरव्यू में हमास को लेकर भी चौंकाने वाला दावा किया (Photo- ITG) इजरायली राजदूत रियुवेन अजार ने इंटरव्यू में हमास को लेकर भी चौंकाने वाला दावा किया (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 6:48 PM IST

भारत में इजरायली राजदूत रियुवेन अजार ने संभावित कट्टरपंथी इस्लामी आतंकी हमलों को लेकर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल समेत दुनिया के देशों को आतंकवाद की एक नई लहर के लिए तैयार रहना होगा. आतंकी संगठन सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों से ज्यादा तेजी से अपनी तैयारी और क्षमता बढ़ा रहे हैं. ऐसे में उनसे एक कदम आगे रहने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को भी तेजी से काम करना होगा.

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इंडिया टुडे को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अजार ने कहा, 'आतंकी हमसे तेज हैं और हमें उनसे तेज होना होगा. अगर आतंकवाद की अगली लहर से बचना है तो लगातार सतर्क रहना होगा और समय रहते तैयारी करनी होगी. हमें सतर्क और तेजी से काम करना होगा, तभी हम आतंक की अगली लहर से आगे रह पाएंगे. और अगली लहर आएगी.' 

पाकिस्तान में हमास की गतिविधियों का किया जिक्र

आतंकी संगठनों के बीच बढ़ते सहयोग को लेकर सवाल पर अजार ने हमास की मिडिल ईस्ट से बाहर बढ़ती गतिविधियों का जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि पिछले एक साल में हमास के कई वरिष्ठ कमांडर पाकिस्तान और बांग्लादेश में देखे गए हैं. उन्होंने हमास के नेताओं नाजी जाहिर और खालिद अल-कदूमी के जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने का भी दावा किया.

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अजार ने 2025 के पहलगाम आतंकी हमले को भी हमास के प्रभाव का उदाहरण बताया. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि हमास ने इस क्षेत्र के आतंकी संगठनों को प्रेरित किया है और पहलगाम हमला इसी का एक उदाहरण था. उन्होंने कहा कि हमास के प्रतिनिधियों की यहां बैठकें होने की जानकारी सामने आई है, लेकिन पर्दे के पीछे क्या हो रहा है, यह पता नहीं है.

फ्लाईदुबई हमले को बताया गंभीर खतरा

इजरायली दूत की यह चेतावनी फ्लाईदुबई की उस घटना की जांच के बीच आई है, जिसमें ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर प्लेन का नियंत्रण लेने की कोशिश की थी. विमान में 174 यात्री सवार थे. कैप्टन स्मित मछार ने घायल होने के बावजूद मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. इसके बाद यात्रियों ने अंदर पहुंचकर को-पायलट को काबू किया. विमान को सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी. 

अजार ने कहा कि जांच अभी यह तय नहीं कर पाई है कि यह अकेले व्यक्ति का हमला था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था. हालांकि उन्होंने इसे मौजूदा खतरा बताया.

इजरायल ने विमान को रोकने की तैयारी की थी

अजार के मुताबिक, ऐसी स्थिति में इजरायल की वायुसेना को अलर्ट किया जाता है और राजनीतिक नेतृत्व को भी इसकी जानकारी दी जाती है. इसके बाद विमान को रोकने या इंटरसेप्ट करने का फैसला राजनीतिक नेतृत्व करता है.

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इजरायली मीडिया में ऐसी खबरें आई थीं कि अगर विमान से 9/11 जैसे खतरे का अंदेशा होता तो इजरायल उसे मार गिराने तक का फैसला ले सकता था. इजरायली लड़ाकू विमान भी अलर्ट किए गए थे, लेकिन बाद में फ्लाईदुबई विमान के सऊदी अरब की ओर मुड़ने के बाद उन्हें वापस बुला लिया गया.

अजार ने कहा कि कैप्टन स्मित मछार और यात्रियों की बहादुरी ने बड़ी त्रासदी को टाल दिया. उन्होंने भारतीय पायलट और यात्रियों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से यह हमला नाकाम हुआ.

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