इजरायली सैनिकों को लेकर सीरिया में क्यों छिड़ा बवाल, लेबनान की तरह वहां भी इजरायल ने बना रखा है बफर जोन

दक्षिणी सीरिया में इजरायली सैनिकों और स्थानीय लोगों को बीच बवाल छिड़ा हुआ है. रविवार को स्थानीय लोगों ने सेना के वाहनों को रोकने के लिए विरोध किया और इजरायली सेना को पीछे धकलने के लिए लोगों ने पत्थरबाजी भी की.

Advertisement
दक्षिणी सीरिया में इजरायली सेना को लेकर बवाल. (photo: Reuters) दक्षिणी सीरिया में इजरायली सेना को लेकर बवाल. (photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:43 AM IST

संयुक्त राष्ट्र की निगरानी वाले 245 वर्ग किलोमीटर के बफर जोन पर इजरायली सेना के अनिश्चितकालीन कब्जे के कारण इजरायल और दक्षिणी सीरिया के निवासियों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. इसी क्रम में रविवार के दक्षिणी सीरिया के अब्दिन पहुंची इजरायली सेना को भारी विरोध का सामने करना पड़ा. स्थानीय लोगों ने इजरायली सेना के वाहनों को रोकने के लिए चट्टानों से रास्ते बंद कर दिए और पत्थरबाजी भी की.

Advertisement

अब्दिन में घुसने के दौरान इजरायली सैनिकों ने प्रदर्शनकारियों के बीच और दीवारों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं और बाद में गांव पर तोपखाने से गोले दागे, जिसके डर से अब्दिन के ज्यादा नागरिक सोमवार को भी अपने घर नहीं लौटे. सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति अहमद अल-शराअ ने इस गोलाबारी की कड़ी निंदा करते हुए इजरायल से तुरंत पीछे हटने की मांग की है, जबकि इजरायली सेना ने भविष्य के उग्रवादी हमलों को रोकने के लिए इस रणनीतिक बफर जोन पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की बात कही है.

अब्दिन के स्थानीय निवासी मोहम्मद अल-हसन ने गांव में फैले तनाव और डर के माहौल को बयां किया. उन्होंने बताया कि इजरायली सैनिक हर कुछ दिनों में बख्तरबंद गाड़ियों में सवार होकर नियमित रूप से गांव के अंदर दाखिल होते हैं. सैनिक पूरे गांव में घूमते हैं, घरों की तलाशी लेते हैं और लोगों के दरवाजा न खोलने पर उसे जबरन तोड़कर अंदर घुस जाते हैं, जिससे महिलाएं और बच्चे खौफ में आ जाते हैं. उनका यहां आना बहुत डरावना होता है.

Advertisement

24 घंटे में दो बड़ी झड़प

अब्दिन में हुई ये झड़प पिछले 24 घंटों के अंदर हिंसा की दूसरी बड़ी घटना थी. इससे पहले इजरायली सेना ने दक्षिणी सीरिया में दो बंदूकधारियों को मार गिराने का दावा किया था, जो उनके सैनिकों पर हमले की योजना बना रहे थे. वहीं, सीरियाई गांव हादर के मेयर इमाद हसून के मुताबिक, गांव के दक्षिण में एक पिकअप ट्रक पर हुए हमले में दो अज्ञात लोग मारे गए, जिनके शवों को इजरायली सेना अपने साथ ले गई.

लोगों का पलायन

इस इलाके के लोग पहले काफी उम्मीद लगाए बैठे थे कि अमेरिका की मध्यस्थता में फ्रांस में इजरायल और सीरिया के बीच होने वाली सुरक्षा वार्ता से तनाव कम होगा, लेकिन फिलहाल ये बातचीत पूरी तरह रुक गई है. सुरक्षा-व्यवस्था के बिगड़ने और रोजगार तथा सुविधाओं के अभाव के कारण लोग पलायन कर रहे हैं. यहां से सरकारी सुरक्षा चौकी भी 10 किलोमीटर दूर है और लोग बिजली-पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं.

66 वर्षीय किसान सोभी अल-तवलबी ने बताया कि इस सैन्य तनाव के कारण किसान अपनी फसलों और पानी के स्रोतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इजरायल पर दबाव बनाने की मांग की है, ताकि वो सैन्य घुसपैठ बंद करें. तेरह साल के भीषण गृहयुद्ध को झेल चुके इस सीमावर्ती इलाके के सीरियाई नागरिकों का कहना है कि वो किसी के लिए खतरा नहीं हैं और सिर्फ एक शांत जीवन जीना चाहते हैं.

Advertisement

दरअलस, दिसंबर 2024 में विद्रोही आक्रमण के बाद जब सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता से बेदखल होना पड़ा, तब इजरायल ने इस संयुक्त राष्ट्र की निगरानी वाले बफर जोन को अपने नियंत्रण में ले लिया था. शुरुआत में इजरायली अधिकारियों ने इसे अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए एक अस्थायी कदम बताया था, लेकिन अब शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि वो इस क्षेत्र पर अनिश्चितकाल के लिए कब्जा बनाए रखेंगे.

वहीं, अक्टूबर 2023 में हमास के नेतृत्व में हुए घातक हमलों के बाद इजरायल ने अपनी सैन्य रणनीति को बेहद आक्रामक बना दिया है. इजरायली सेना ने पहले गाजा के बड़े हिस्से पर कब्जा किया और फिर लेबनान तथा सीरिया के कई इलाकों को अपने नियंत्रण में ले लिया, जहां से हिजबुल्लाह मिसाइलें और ड्रोन दागता था. इजरायल इन क्षेत्रों को 'बफर जोन' कहता है और इन्हें सुरक्षा के लिए जरूरी बताता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »