सत्ता से नेतन्याहू की विदाई का रास्ता साफ! विरोधी आइसेनकोट को मिला मैजिक नंबर, इजरायल की अरब पार्टियों ने किया सपोर्ट

इजरायल की राजनीति में अरब पार्टियां पहली बार इतने निर्णायक संसदीय समीकरण में दिखाई दे रही हैं. उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए बेंजामिन नेतन्याहू को सत्ता से बाहर रखने के लिए उनके राजनीतिक विरोध गादी आइसेनकोट को समर्थन देने के लिए तैयार दिख रही है.

Advertisement
अरब पार्टियों ने गादी आइसेनकोट (दाहिने) को सपोर्ट करने की घोषणा की है. (Reuters photo) अरब पार्टियों ने गादी आइसेनकोट (दाहिने) को सपोर्ट करने की घोषणा की है. (Reuters photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:26 PM IST

इजरायल में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ होता दिख रहा है. इजरायल की अरब पार्टी जॉइंट लिस्ट ने बेंजामिन नेतन्याहू के प्रतिद्वंदी गादी आइसेनकोट को समर्थन देने की घोषणा की है. 11 सीटें जीतने वाली जॉइंट लिस्ट का कहना है कि वह राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग से अगले प्रधानमंत्री के रूप में याशार पार्टी के चेयरमैन गादी आइसेनकोट के नाम की सिफारिश करेगी. राआम पार्टी पहले ही गादी को सपोर्ट करने की घोषणा कर चुकी है. 

Advertisement

द टाइम्स ऑफ इजरायल की 4 नवंबर की रिपोर्ट के मुताबिक राआम के चीफ मंसूर अब्बास ने बयान जारी कर कहा था कि वह राष्ट्रपति इसाक हर्जोग के सामने आइसेनकोट को अगली सरकार बनाने के लिए समर्थन देने की सिफारिश करेगी. इस पार्टी के पास 8 सीटें हैं.


टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार जॉइंट लिस्ट का कहना है कि उसके तीनों गुटों के बीच लिया गया यह फैसला नेतान्याहू और उनकी सरकार को सत्ता में लौटने से रोकने की जनता की मांग के जवाब में लिया गया है.

उनका कहना है कि आइसेनकोट का समर्थन करना ज़रूरी है, भले ही विपक्षी गुट ने अब तक नेतान्याहू की नीतियों का विरोध करने, अरब नागरिकों के खिलाफ भड़काऊ बयानों से लड़ने  पर्याप्त इच्छाशक्ति नहीं दिखाई है.

जॉइंट लिस्ट का कहना है कि गादी की सरकार मजबूती से बननी चाहिए. उनका तर्क है कि इस कदम से सरकार बदलने की संभावना मज़बूत हो सकती है और एक ऐसी 'यूनिटी गवर्नमेंट' (मिली-जुली सरकार) बनने का खतरा कम हो सकता है, जिसमें नेतान्याहू सत्ता में बने रहें.

Advertisement

यह भी पढ़ें: अरब पार्टियों ने किया नेतन्याहू की नाक में दम, 19 सीटें जीतने वाले ये दल यहूदी इजरायल में कैसे पनपे?

जॉइंट लिस्ट का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द राष्ट्रपति हर्जोग के सामने यह सिफारिश पेश करेगा. 

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तुलना में आइसेनकोट को इजरायली संसद के ज्यादा सदस्यों का समर्थन हासिल है. गादी आइसेनकोट जिस गठबंधन की अगुआई कर रहे हैं उसे 48 सीटें मिली हैं. जबकि जॉइंट लिस्ट के पास 11 सीटें हैं. और राआम पार्टी के पास 8 सीटें हैं. इस तरह से कुल मिलाकर इस गठबंधन के पास 67 सीटें हो जाती हैं.

120 सीटों वाली इजरायली संसद में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 61 है. 

इस नए घटनाक्रम के बाद गुरुवार शाम को सभी दलों के साथ बातचीत पूरी होने पर आइसेनकोट ऐसी स्थिति में आ गए हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बजाय राष्ट्रपति हर्ज़ोग से सरकार बनाने का न्योता मिल सकता है. 

वामपंथी डेमोक्रेट्स पार्टी और राअम दोनों ने आइसेनकोट के नाम की सिफारिश की है. द जेरुशलम पोस्ट के अनुसार बातचीत के दौरान राअम के नेता मंसूर अब्बास ने कहा कि उनकी पार्टी हमास के पूर्ण निरस्त्रीकरण का समर्थन करती है. यह उन चार सिद्धांतों में से एक है जिन्हें आइसेनकोट ने अपने गठबंधन में शामिल होने के लिए शर्त के तौर पर रखा है.

Advertisement

हमास को एक आतंकवादी संगठन करार देने के सवाल के जवाब में अब्बास ने कहा, "अरब समाज, एक व्यक्ति के तौर पर मैं खुद, और कुल मिलाकर सभी अरब नागरिक हम एक पुल की तरह हैं. आइए, इस पुल को न तोड़ें. हमें आतंकवाद का समर्थक या देशद्रोही न बनने दें."

बता दें कि इजरायल में हुए चुनाव में किसी गठबंधन को सरकार बनाने का बहुमत नहीं मिला है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »