इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच लड़ाई एक बार फिर बहुत तेज हो गई थी, और अब दोनों के बीच सीजफायर यानी संघर्ष विराम पर सहमति बन गई है. यह सीजफायर शुक्रवार दोपहर लोकल टाइम 4 बजे से लागू होगा. यह जानकारी एक सीनियर अमेरिकी अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दी है. खास बात ये है कि डोनाल्ड ट्रंप की ओर से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर शांति बहाली को लेकर प्रेशर बनाया जा रहा था.
इजरायल और ईरान समर्थित ग्रुप हिज्बुल्लाह के बीच लेबनान में रात भर लड़ाई बहुत तेज हो गई थी. इस हमले में लेबनान में कम से 18 लोगों की जान चली गई. इसी के बाद अब दोनों पक्षों ने सीजफायर पर सहमति बना ली है.
एक सीनियर अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि हिज्बुल्लाह और इजरायल सीजफायर के लिए राजी हो गए हैं. अधिकारी ने यह भी बताया कि अमेरिका और कतर के बातचीत करने वालों ने ईरान की मदद से यह डील तैयार की है. अधिकारी ने आगे कहा कि आज पहले गोलीबारी हुई थी, और उसके बाद अब इजरायल और हिज्बुल्लाह सीजफायर में आ गए हैं.
वहीं, अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस को बताया कि 'नेतन्याहू लेबनान में सीजफायर को रिन्यू करने के लिए 100% सहमत हैं.' हालांकि, नेतन्याहू के ऑफिस ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है.
दरअसल लेबनान में हिंसा बढ़ने की वजह से अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक अंतरिम समझौते पर दबाव बढ़ गया था. यह समझौता बुधवार को साइन हुआ था और इसका मकसद मिडिल ईस्ट में चल रही बड़ी जंग को खत्म करना था.
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हिज्बुल्लाह के एक सांसद ने पहले रॉयटर्स को बताया था कि ईरान ने इस ग्रुप को यह जानकारी दी थी कि वाशिंगटन के साथ बातचीत तब तक जारी नहीं रह सकती जब तक एक पूरा और सही सीजफायर लागू नहीं हो जाता.
रात के समय इजरायल की एयरस्ट्राइक में लेबनान में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई. यह जानकारी लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है. इसी दौरान दक्षिण लेबनान में हिज्बुल्लाह के हमले में 4 इजरायली सैनिक मारे गए. अधिकारियों के मुताबिक यह इस जंग के दौरान हिज्बुल्लाह के सबसे खतरनाक हमलों में से एक था.
ईरान के साथ हुई डील के तहत अमेरिका, ईरान और उनके साथी देशों को यह ऐलान करना है कि लेबनान समेत हर मोर्चे पर मिलिट्री ऑपरेशन को तुरंत और हमेशा के लिए बंद किया जाए.
बता दें कि इस हफ्ते की शुरुआत में हिंसा काफी कम हो गई थी, लेकिन उसके बाद से यह फिर से बढ़ गई थी. हालांकि, अब सीजफायर हो गया है तो शांति की उम्मीद है.
नेतान्याहू को डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा था?
डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के पीएम नेतन्याहू को लेबनान में हो रहे हमलों को लेकर सीधे फोन पर फटकार लगाई थी. ट्रंप का कहना था कि इजरायल की कार्रवाई बहुत ज्यादा सख्त हो गई है और अब पूरी तरह सीजफायर होना चाहिए.
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ट्रंप ने इजरायल के हमलों को 'खतरनाक' और 'बहुत ज्यादा' बताया था. उनका कहना था कि अगर हिज्बुल्लाह का एक भी आदमी किसी इमारत में है, तो इसका मतलब ये नहीं कि पूरी इमारत गिरा दी जाए. यानी ट्रंप को लग रहा था कि इजरायल बेवजह बहुत ज्यादा नुकसान कर रहा है.
एक रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप इतने गुस्से में थे कि उन्होंने नेतन्याहू को कड़े शब्दों में भी कुछ कह दिया. साथ ही उन्होंने नेतन्याहू को याद दिलाया कि अगर मैं नहीं होता, तो इजरायल का वजूद ही नहीं होता. ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर मैं ना होता तो तुम जेल में होते. इससे साफ है कि ट्रंप ने नेतन्याहू पर पूरा दबाव बनाने की कोशिश की.
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