गाजा में सीजफायर के बावजूद हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. यहां पिछले साल से युद्धविराम लागू है. फिर भी इजरायली सेना गाजा में तबाही मचा रही है. लगभग हर रोज बमबारी की जा रही है. आलम ये है कि IDF ने अब पीने के पानी के डिसैलिनेशन प्लांट पर हमला कर दिया है. यह हमरा उत्तरी गाजा में किया गया. इससे गाजावासियों के बीच पीने के पानी की किल्लत पैदा होने का खतरा है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेख रदवान के जिस प्लांट को निशााना बनाया गया, वह स्थानीय लोगों के लिए साफ पानी मिलने का एक अहम जरिया था. हमले से प्लांट को नुकसान पहुंचा. आसपास का इलाका भी प्रभावित हुआ. पानी की कमी से जूझ रहे गाजा में इस प्लांट के ध्वस्त किए जाने से अब स्थानीय लोगों को और मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है.
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लंबे समय से चल रहे युद्ध के कारण गाजा में खाना-पानी और ईंधन जैसे जरूरी संसाधनों की पहले से कमी है. वहीं डिसेलिनेशन प्लांट के अलावा एक मस्जिद और एक घर पर भी हमला किया गया. एक तरफ इजरायली सेना का कहना है कि उसके हमलों का निशाना हमास से जुड़े ठिकाने और हथियार भंडार थे. दूसरी तरफ फिलिस्तीनी पक्ष इन हमलों को सीजफायर का उल्लंघन बताया है. गाजा में लगातार हो रहे हमलों में मौतें भी हुई हैं.
कब हुआ था युद्धविराम?
इजरायल और हमास के बीच मौजूदा युद्धविराम समझौता 10 अक्टूबर 2025 को हुआ था. इससे पहले 8 अक्टूबर को दोनों पक्षों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित शांति ढांचे के पहले चरण पर सहमति जताई थी. समझौते में लड़ाई रोकने, बंधकों और फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई और इजरायली सैनिकों की वापसी जैसे प्रावधान शामिल थे. यूनाइटेड नेशन ने भी 8 अक्टूबर को समझौते का स्वागत किया था.
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इस युद्धविराम के लागू हो जाने के बाद भी गाजा में इजरायल की बममबारी लगातार जारी है. एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के बाद से 1,280 से ज्यादा फिलिस्तीनियों मारे गए हैं. इस बीच अमेरिका युद्धविराम को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है. लेकिन हमास के हथियार डालने और इजरायली सेना की वापसी को लेकर मतभेद अब भी बने हुए हैं. ऐसे में पानी जैसी बुनियादी सुविधा पर हुआ ताजा हमला गाजा के हालातों और सीजफायर की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
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