इजरायल ने तुर्की का बंदोबस्त कर दिया है, ग्रीस को देने जा रहा एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम!

तुर्की ग्रीस को धमकाता रहता है. हालांकि दोनों ही देश नाटो सदस्य हैं, बावजूद इसके दोनों के बीच अविश्वास है. हाल के वर्षों में तुर्की अपनी स्थिति सुधारने के लिए रक्षा क्षेत्र में अरबों यूरो खर्च कर रहा है. इजरायल के साथ हथियारों के लिए उसकी डील इसी रणनीति का हिस्सा है.

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इजरायल ग्रीस को अपना एयर डिफेंस सिस्टम देने जा रहा है. (Photo: ITG) इजरायल ग्रीस को अपना एयर डिफेंस सिस्टम देने जा रहा है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:41 PM IST

ग्रीस सोमवार को इजरायल के साथ लगभग 3 अरब यूरो (3.5 अरब डॉलर) की कीमत वाले मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम को खरीदने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला है. यह समझौता देश के बड़े मिलिट्री आधुनिकीकरण कार्यक्रम का हिस्सा है. देश की सुरक्षा परिषद ने इस समझौते को शुरुआती मंज़ूरी दे दी है. इसमें शॉर्ट, मीडियम और लॉन्ग-रेंज वाले एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम शामिल हैं.

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एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया, "ग्रीक अधिकारी सोमवार को बाद में तेल अवीव में इज़राइली SIBAT और MAFAT डायरेक्टोरेट के साथ तीन तरह की मिसाइलों और रडार सिस्टम के लिए लगभग 3 अरब यूरो के चार समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे."

आखिर ग्रीस को इतने भारी-भरकम हथियारों की जरूरत क्यों पड़ी. इसका दुश्मन कौन है. इसे समदझिए. 

ग्रीस और तुर्की दुश्मनी

ग्रीस दक्षिणी-पूर्वी यूरोप में बाल्कन प्रायद्वीप पर स्थित है. यह भूमध्य सागर से घिरा हुआ है और यूरोपीय संघ का सदस्य देश है. इसकी राजधानी एथेंस है. उत्तर में अल्बानिया, उत्तरी मैसेडोनिया और बुल्गारिया से सीमा लगती है, जबकि पूर्व में तुर्की से. 

ग्रीस की सबसे प्रमुख और लंबे समय से चली आ रही तनावपूर्ण दुश्मनी पड़ोसी तुर्की से है. दोनों देशों के बीच एजियन सागर के द्वीपों, समुद्री सीमाओं, हवाई क्षेत्र और साइप्रस द्वीप को लेकर ऐतिहासिक विवाद हैं. 1974 में साइप्रस पर तुर्की के सैन्य हस्तक्षेप के बाद संबंध और बिगड़े हैं. आज भी कभी-कभी सैन्य तनाव और राजनयिक झड़पें होती रहती हैं, हालांकि दोनों नाटो सदस्य हैं. 

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ग्रीस ने अब तुर्की को केंद्र में रखकर अपनी रक्षा रणनीति बनानी शुरू कर दी है. इजरायल के साथ उसका अरबों का डील इसी का हिस्सा है. 

एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि ग्रीस के अधिकारी सोमवार को बाद में तेल अवीव में इजरायल के SIBAT और MAFAT डायरेक्टरेट के साथ लगभग 3 अरब यूरो के चार समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे. ये समझौते तीन तरह की मिसाइलों और रडार सिस्टम के लिए होंगे.

ग्रीस की योजना 2036 तक "अकिलीज़ शील्ड" (Achilles Shield) नाम का मल्टी-लेयर एंटी-बैलिस्टिक, एंटी-एयरक्राफ्ट और एंटी-ड्रोन सिस्टम बनाने और अमेरिका से 40 F-35 फाइटर जेट और फ्रांस और इटली से फ्रिगेट खरीदने पर लगभग 28 अरब यूरो खर्च करने की है.

सूत्र ने यह भी बताया कि एंटी-ड्रोन सिस्टम के लिए एक अलग समझौते पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे. 

ग्रीस अपने हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अमेरिका में बने पैट्रियट सिस्टम, रूस के S-300 सिस्टम और कई तरह के शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करता है.

 पड़ोसी देश तुर्की के साथ लंबे समय से चल रहे विवाद के कारण, ग्रीस अपनी GDP का लगभग 3.5% हिस्सा रक्षा पर खर्च करता है, जो कई NATO सहयोगियों की तुलना में ज़्यादा है. 

ग्रीस और इज़रायल जिनके बीच मज़बूत आर्थिक और डिप्लोमैटिक रिश्ते हैं, ग्रीस में एक एयर ट्रेनिंग सेंटर चलाते हैं, हर साल जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज़ करते हैं और एंटी-ड्रोन सिस्टम और साइबर सिक्योरिटी पर सहयोग करते हैं. पिछले साल, एथेंस ने लगभग €650 मिलियन में 36 इज़राइली-मेड रॉकेट आर्टिलरी सिस्टम खरीदे थे. 

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