ईरान में एक बार फिर कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दी है. ईरानी स्टेट मीडिया के मुताबिक, सिरिक के कई इलाकों पर प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया है. तटीय इलाके में कई धमाके सुने गए. इनमें मिनाब काउंटी और केशम आइलैंड भी शामिल हैं. कई जगहों पर प्रोजेक्टाइल गिरे हैं. इन हमलों में कितने लोग मारे गए या घायल हुए हैं, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
हमले की जिम्मेदारी किसने ली है, यह भी साफ नहीं है. अमेरिका की तरफ से इसपर खबर लिखे जाने तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है. सिरिक और आसपास के इलाके ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्र में आते हैं. यहां से सामने आए इन हमलों ने ईरान-अमेरिका जंग के बीच खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव को फिर सामने ला दिया है.
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ट्रंप बोले- मिडटर्म चुनाव के बाद खत्म होगी जंग
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जंग को लेकर बड़ा दावा किया है. ट्रंप का कहना है कि अमेरिका में नवंबर के मिडटर्म चुनाव के तुरंत बाद यह जंग खत्म हो जाएगी. उन्होंने तेल की कीमतों में गिरावट की भी भविष्यवाणी की है. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ बातचीत हो सकती है, हालांकि उनका कहना है कि अमेरिका फिलहाल किसी समझौते की सक्रिय तौर पर तलाश नहीं कर रहा है.
ईरान ने क्षेत्रीय बातचीत की पेशकश की
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि तेहरान क्षेत्रीय बातचीत के लिए तैयार है. ईरान का कहना है कि इसका मकसद आपसी भरोसा बढ़ाना, लंबे समय के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करना और आर्थिक तरक्की को बढ़ावा देना होना चाहिए. ईरान ने खाड़ी और ओमान की खाड़ी की सुरक्षा के लिए तटीय देशों के बीच सहयोग की बात कही है. साथ ही उसने कहा कि इस सुरक्षा व्यवस्था में बाहरी ताकतों का दखल नहीं होना चाहिए.
खाड़ी में जहाजों पर हमले जारी
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के मुताबिक, खाड़ी के अहम समुद्री रास्तों में शिपिंग पर हमले जारी हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि कई कमर्शियल जहाजों को नुकसान पहुंचा है और वे काम करने की हालत में नहीं रहे. वहीं, लेबनान की सेना का कहना है कि इजरायल ने जून में बने दोनों देशों के फ्रेमवर्क का करीब 7,700 बार उल्लंघन किया है. दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों की खबरें भी सामने आई हैं.
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परमाणु मुद्दे पर ईरान और IAEA आमने-सामने
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी तनाव बढ़ा है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA ने ईरान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रिपोर्ट करने के पक्ष में प्रस्ताव पास किया है. यह कदम ईरान की परमाणु सुविधाओं के निरीक्षण की अनुमति नहीं देने को लेकर उठाया गया है. चीन और रूस ने इस कदम का विरोध किया.
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