ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के वरिष्ठ सलाहकार मोहम्मद रजा नकदी ने अमेरिका के साथ जारी युद्ध को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने तक खींचने की रणनीति का संकेत दिया है. उनका कहना है कि ऐसा करने के पीछे ईरान का मकसद थकान पैदा कर भविष्य के हमलों को रोकना है.
IRGC कमांडर-इन-चीफ के वरिष्ठ सलाहकार मोहम्मद रजा नकदी ने मंगलवार को पीबीएस न्यूजअवर से बातचीत में कहा, 'एक तरीका ये है कि इस युद्ध को अगले राष्ट्रपति कार्यकाल तक लंबा खींचा जाए और दुश्मन को नुकसान पहुंचाया जाए, ताकि अगर कोई और ईरान पर हमला करना चाहे तो उसे पता हो कि इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.'
उन्होंने कहा कि ईरान का मानना है कि वह अभी युद्ध जीत रहा है, लेकिन उसने अभी तक अपना अंतिम टारगेट हासिल नहीं किया है.
मोहम्मद रजा नकदी ने स्पष्ट किया कि ईरान का प्राथमिक उद्देश्य एक मजबूत क्षमता स्थापित करना है, ताकि दुश्मन हम पर हमला करने की हिम्मत कभी न करे. इसका एक तरीका ये है कि युद्ध को लंबा खींचा जाए और दुश्मन को नुकसान पहुंचाया जाए, ताकि ईरान पर हमला करने के बारे में सोचने वाले किसी भी व्यक्ति को पता हो कि इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.
कमजोर है अमेरिका की सेना
उन्होंने कहा कि ईरान ने इस संघर्ष से सबक सीखा है और पाया है कि अमेरिकी सेना पहले की सोच की तुलना में कमजोर है. ईरान वर्तमान में इस युद्ध में जीत की ओर बढ़ रहा है.
मिसाइल भंडार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान में प्रतिदिन दागे जाने वाले रॉकेटों की तुलना में अधिक मिसाइलों का निर्माण हो रहा है. विशाल भूभाग होने के कारण देश में अलग-अलग स्थानों पर मिसाइलें बनाई जा रही हैं, जिससे युद्ध कई सालों तक चलने पर भी रॉकेट दागे जा सकते हैं.
US के लिए और खतरा बन जाएगा ईरान
नकदी ने एक गंभीर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी दिन ईरान का मिसाइल भंडार पूरी तरह खत्म भी हो जाता है तो ईरान अमेरिका के लिए और भी ज्यादा खतरनाक साबित होगा.
वहीं, जब उनसे पूछा गया कि बिना मिसाइलों के ईरान कैसे और खतरनाक हो सकता है तो उन्होंने जवाब दिया, 'क्योंकि दुनिया भर में अमेरिका के हजारों आर्थिक हित हैं और उन सभी को आसानी से नष्ट किया जा सकता है.' हालांकि, उन्होंने ये स्पष्ट नहीं किया कि वो किन आर्थिक लक्ष्यों की बात कर रहे थे या ईरान उन पर कैसे हमला कर सकता है.
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