'इतिहास का सबसे क्रूर शख्स खामेनेई मारा गया...', डोनाल्ड ट्रंप बोले

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत को इतिहास के एक क्रूर युग का अंत बताया. ईरान की मीडिया रिपोर्ट्स में भी अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के मारे जाने की पुष्टि की गई है.

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US-इजरायल के ऑपरेशन में मारे गए खामेनेई, ट्रंप का दावा. (File photo: ITG) US-इजरायल के ऑपरेशन में मारे गए खामेनेई, ट्रंप का दावा. (File photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:22 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई के मारे जाने की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया पर एक लंबा-चौड़ा बयान जारी किया है. उन्होंने खामेनेई को इतिहास का सबसे क्रूर व्यक्तियों में से एक करार दिया है. साथ ही उन्होंने ईरानी जनता से सड़कों पर उतर कर अपना देश वापस लेने की अपील की है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट के जरिए ईरानी सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत पर  बताया कि इजरायल के साथ मिलकर किए गए बेहद सटीक और आधुनिक खुफिया ऑपरेशन के कारण खामेनेई और उनके साथ मौजूद अन्य नेता खुद को नहीं बचा सके. इस सैन्य कार्रवाई में ईरान के रक्षा तंत्र को भारी नुकसान पहुंचा है.

ईरान की मीडिया ने भी अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता और इस्लामिक क्रांति के प्रमुख अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की पुष्टि कर दी है.

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'अब लड़ना नहीं चाहती सेना और पुलिस'

ट्रंप के अनुसार, ईरान की आईआरजीसी (रिवोल्यूशनरी गार्ड्स), सेना और पुलिस बल के कई सदस्य अब लड़ना नहीं चाहते और अमेरिका से माफी (Immunity) की मांग कर रहे हैं.

राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में शांति के उद्देश्य को पूरा करने के लिए बमबारी का सिलसिला पूरे हफ्ते या जरूरत पड़ने तक जारी रहेगा.

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ट्रंप ने खामेनेई को इतिहास के सबसे क्रूर व्यक्तियों में से एक करार दिया है. उन्होंने कहा कि ये न केवल ईरान के लोगों के लिए न्याय है, बल्कि उन अमेरिकियों और दुनिया भर के नागरिकों के लिए भी इंसाफ है, जिन्हें खामेनेई के गिरोह ने निशाना बनाया था.

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनकी खुफिया प्रणालियों और ट्रैकिंग सिस्टम की वजह से दुश्मन बच नहीं पाया. उन्होंने इसे ईरानी देशभक्तों के लिए अपने देश को फिर से महान बनाने का सबसे बड़ा अवसर बताया है.

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सरेंडर करने वालों को माफी का प्रस्ताव

ईरानी सुरक्षा बलों में मची खलबली पर ट्रंप ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि कई सैनिक और सुरक्षाकर्मी अब अपनी जान बचाने के लिए अमेरिका की ओर देख रहे हैं. ट्रंप ने उन्हें संदेश देते हुए कहा, 'अभी वे माफी पा सकते हैं, बाद में उन्हें सिर्फ मौत मिलेगी!' उन्होंने उम्मीद जताई कि आईआरजीसी और पुलिस शांतिपूर्वक ईरानी देशभक्तों के साथ मिल जाएंगे ताकि देश को फिर से खड़ा किया जा सके.

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राष्ट्रपति ने साफ कर दिया कि केवल खामेनेई की मौत ही काफी नहीं है, बल्कि ईरान की सैन्य शक्ति को काफी हद तक नष्ट कर दिया गया है. उन्होंने चेतावनी दी कि रणनीतिक ठिकानों पर भारी और सटीक बमबारी बिना रुके जारी रहेगी.

ट्रंप का कहना है कि उनका अंतिम लक्ष्य मिडिल ईस्ट और पूरी दुनिया में शांति स्थापित करना है. उनके मुताबिक, ईरान को तबाह करने की ये प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अब वहां के लोग अपने भविष्य का फैसला खुद कर सकते हैं.

इससे पहले ट्रंप ने एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में भी इन रिपोर्ट्स को सही बताया और कहा कि ईरान के ज्यादातर वरिष्ठ नेतृत्व खत्म हो चुका है. हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक खामेनेई की मौत की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

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नेतन्याहू का दावा

वहीं, ट्रंप से पहले इजरालय के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इजरायली सैन्य ऑपरेशन में ईरान के सुप्रीम लीडर के मारे जाने की संभावना जताई थी. उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा, 'आज सुबह हमने तानाशाह खामेनेई के परिसर को तबाह कर दिया... और कई संकेत हैं कि ये तानाशाह अब जिंदा नहीं है.' उन्होंने आगे कहा कि इस ऑपरेशन में ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडरों, उच्च पदाधिकारी और न्यूक्लियर प्रोग्राम के वरिष्ठ अधिकारियों को भी मारे गए हैं.

साथ ही उन्होंने ईरान के लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की और कहा कि सैन्य कार्रवाई ने आतंरिक बदलाव का एक मौका बनाया है.

'मेंटल वॉरफेयर'

वहीं, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने पहले कहा था कि खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन जितना मुझे पता है, जिंदा हैं. जबकि ईरानी राज्य मीडिया ने इन दावों को मानसिक युद्ध करार दिया है.

डोनाल्ड ट्रंप का ये बयान अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के कुछ घंटों बाद आया है, जिनमें ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले ही कहा था कि "कई संकेत" हैं कि खामेनेई अब नहीं रहे और उनके परिसर को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है.  इजरायली स्रोतों ने दावा किया कि खामेनेई का शव उनके नष्ट हुए महल से बरामद किया गया है.

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