ईरान का बहरीन पर ड्रोन अटैक, अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक जहाज को ड्रोन से निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान में कई ठिकानों पर हवाई हमले किए. इसके जवाब में ईरान ने बहरीन पर ड्रोन हमले किए. ईरान की ओर से कहा कि उसने इन हमलों के ​​जरिए बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया.

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होमुर्ज में टैंकर पर हमले और बहरीन में ड्रोन अटैक के साथ ईरान-अमेरिका के बीच तनाव फिर बढ़ा. (File Photo: AFP) होमुर्ज में टैंकर पर हमले और बहरीन में ड्रोन अटैक के साथ ईरान-अमेरिका के बीच तनाव फिर बढ़ा. (File Photo: AFP)

aajtak.in

  • दुबई,
  • 27 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:11 PM IST

अमेरिका द्वारा किए गए रातभर के हवाई हमलों के बाद ईरान ने शनिवार को बहरीन को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमला किया, जबकि दूसरी ओर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक जहाज पर भी हमला हुआ. माना जा रहा है कि यह कार्रवाई ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से अमेरिकी एयरस्ट्राइक के जवाब में की गई है. फारस की खाड़ी में हुए ये हमले इस बात का संकेत हैं कि मिडिल ईस्ट में स्थिति एक बार फिर नियंत्रण से बाहर हो सकती है, जबकि हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष समाप्त करने के लिए अंतिम समझौते की दिशा में एक अंतरिम सहमति बनी थी.

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अमेरिका ने ये हवाई हमले गुरुवार को होर्मुज से गुजर रहे एक जहाज पर ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में किए थे. इस तरह के लगातार हमलों ने दोनों देशों के ​बीच युद्धविराम की नाजुक स्थिति को एक बार फिर उजागर किया है. इस बीच अमेरिकी नौसेना की निगरानी में काम करने वाली एक बहुराष्ट्रीय समुद्री संस्था ने शनिवार को घोषणा की कि ओमान के पास होर्मुज में समुद्री मार्ग का विस्तार किया जाएगा, ताकि आने और जाने वाले जहाजों की आवाजाही सुचारू हो सके. इसे ईरान के साथ नए फ्लैश पॉइंट के रूप में देखा जा रहा है.

बहरीन ने की ईरान के ड्रोन हमले की निंदा

बहरीन पर ईरान का हमला संयोग नहीं माना जा रहा है. बहरीन ईरान के सबसे मुखर आलोचकों में से एक है और वहां अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय भी स्थित है. हाल ही में बहरीन ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मेजबानी की थी, जहां खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई थी. बैठक में ईरान के हमलों को रोकने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खुला रखने की मांग की गई थी. 

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बहरीन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि कई ईरानी ड्रोन देश को निशाना बनाकर भेजे गए थे. मंत्रालय ने इसे नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के लिए खुला खतरा बताया. वहीं ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के जरिए जारी बयान में कहा कि उसने क्षेत्र में 'अमेरिकी आतंकवादी सेना के कई ठिकानों' को निशाना बनाया है. हालांकि, उसने हमले वाली जगहों के नाम नहीं बताए.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाज पर हुआ हमला

ब्रिटिश सेना के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने बताया कि शनिवार को होर्मुज में एक टैंकर पर हमला हुआ. हालांकि चालक दल सुरक्षित है. फिलहाल किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन संदेह ईरान पर ही जताया जा रहा है. जहाज पर हमले की खबर के तुरंत बाद अमेरिकी नौसेना की निगरानी में काम करने वाले जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर ने कहा कि ओमान के तट के पास समुद्री मार्ग का विस्तार किया जा रहा है, ताकि जहाजों की आवाजाही दोनों दिशाओं में हो सके.

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ईरान पहले ही कह चुका है कि जहाजों को उसके निर्देशों का पालन करना होगा और उसने चेतावनी दी है कि वह होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलना शुरू कर सकता है. दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग 5वां हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता रहा है. अमेरिका और खाड़ी देशों ने ईरान की इस मांग को खारिज कर दिया है. दुनिया भर में होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता है, हालांकि यह ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में आता है. जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर ने अपने बयान में चेतावनी दी कि इस क्षेत्र में जहाजों के लिए काफी गंभीर खतरा बना हुआ है.
 

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