कुवैत के समुद्र में धमाका, US सीनेट में ईरान जंग रोकने का प्लान खारिज... मिडिल ईस्ट युद्ध पर 15 बड़े अपडेट्स
ईरान, इज़रायल और अमेरिका के बीच संघर्ष तेज हो गया है. तेहरान और बेरुत में हमले जारी हैं. ईरान में मरने वालों की तादाद एक हजार से ज्यादा हो गई है. तेल आपूर्ति प्रभावित है और कई देश अपने नागरिकों को प्रभावित इलाकों से बाहर निकाल रहे हैं.
ईरान, इज़रायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. तेहरान के साथ ही लेबनान की राजधानी बेरुत में भी बड़े स्तर पर हमले हो रहे हैं. इसके साथ ही, ईरान ने भी खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर लगातार हमले कर रहा है.
ईरान और इज़रायल-US के जॉइंट फ्रंट के बीच हथियारों की लड़ाई बढ़ती जा रही है और पूरे मिडिल ईस्ट में फैल गई है. जंग में तुरंत कोई रुकावट के संकेत नहीं नजर आ रहे हैं.
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इज़रायल ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर बमबारी की है. तेहरान सहित कई क्षेत्रों में धमाकों की जानकारी मिली है. बढ़ते संघर्ष की वजह से खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता की आशंका गहरा गई है. तेल आपूर्ति, समुद्री मार्गों और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है.
ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO ने गुरुवार को बताया कि कुवैत के समुद्र में एक टैंकर में बड़ा धमाका हुआ है.
ईरान पर अब तक हुए हमलों में करीब 1,045 लोग मारे गए हैं.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इराक के साथ देश की सीमा पर 'आतंकवादी गतिविधियों' की चेतावनी दी है और वहां सुरक्षा बढ़ाने के उपायों की मांग की है.
अमेरिका के सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तेहरान पर किए गए हमलों के फैसले का समर्थन किया है. युद्ध संबंधी अधिकारों को सीमित करने वाला प्रस्ताव खारिज कर दिया गया, जिससे अमेरिकी प्रशासन को अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखने में राजनीतिक मजबूती मिली है. सीनेट ने ईरान के खिलाफ प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के मिलिट्री कैंपेन को रोकने के प्रस्ताव को 47 के मुकाबले 53 वोटों से रोक दिया है.
इज़रायली मिलिट्री के मुताबिक, इज़रायल ने ईरान की राजधानी तेहरान में टारगेट पर एक नया हमला किया.
अमेरिका, कुर्दिश लड़ाकों से बातचीत कर रहा है, जिससे उन्हें हथियार दिए जा सकें और तेहरान के खिलाफ बगावत भड़काई जा सके.
ईरान जंग ने दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई को रोक दिया है. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के होर्मुज की अहम स्ट्रेट को बंद करने के ऐलान के बाद मालवाहक जहाज वहां जाने से बच रहे हैं.
पेंटागन ने बुधवार रात कुवैत में हुए हमले में मारे गए छह US सैनिकों के आखिरी दो नाम जारी किए. सैनिकों की पहचान चीफ वारंट ऑफिसर 3 रॉबर्ट मार्ज़न (54) और मेजर जेफरी ओ'ब्रायन (45) के तौर पर हुई है.
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, जंग से जुड़े हालात ठीक होने पर न्यूज़ीलैंड अपने नागरिकों को निकालने में मदद के लिए मिडिल ईस्ट में दो मिलिट्री एयरक्राफ्ट भेजेगा.
US स्टेट डिपार्टमेंट ने ऐलान किया है कि ईरान के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन शुरू होने के बाद मिडिल ईस्ट में फंसे अमेरिकी नागरिकों को निकालने के लिए चार्टर फ्लाइट्स चल रही हैं.
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, कतर के गृह मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि दोहा में यूनाइटेड स्टेट्स एंबेसी के पास रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए निकाला जा रहा है. अधिकारियों ने तुरंत कोई और जानकारी नहीं दी और न ही किसी खास खतरे का ज़िक्र किया.
मिडिल ईस्ट में चल रहे झगड़े की वजह से एयरलाइन ऑपरेशन में रुकावट आने के बाद बुधवार को केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 34 इंटरनेशनल फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं. एयरपोर्ट के एक रिप्रेजेंटेटिव के मुताबिक, 4 मार्च को रात 11:59 बजे तक एयरस्पेस में पाबंदियों की वजह से 18 आने वाली और 16 जाने वाली फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं. इन कैंसिलेशन की वजह से बेंगलुरु को अबू धाबी, रियाद, जेद्दा, दम्मम, दुबई और दोहा जैसे खास वेस्ट एशियन डेस्टिनेशन से जोड़ने वाले बड़े रूट्स पर असर पड़ा है.
कतर की राजधानी दोहा में भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एक बड़ी एडवाइजरी जारी की है. डिप्लोमैटिक मिशन ने भारतीयों से घर के अंदर रहने और गैर-ज़रूरी मूवमेंट से बचने की अपील की है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दो हजार से ज़्यादा कनाडाई नागरिकों ने मिडिल ईस्ट छोड़ने के लिए कनाडाई सरकार से मदद मांगी है.
ISNA न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, अधिकारियों ने कहा है कि अगर इज़रायली और US सरकारें इस्लामिक रिपब्लिक में सरकार बदलने की कोशिश करेंगी, तो ईरान इज़रायल की डिमोना न्यूक्लियर फैसिलिटी को निशाना बनाएगा.
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