प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के बाद दावोस ने खींची रेड लाइन, WEF से ईरानी विदेश मंत्री बाहर

ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के कारण दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से ईरान के विदेश मंत्री के निमंत्रण को रद्द कर दिया गया है. हजारों मौतों और मानवाधिकार उल्लंघनों की खबरों के बीच, इस वैश्विक मंच ने राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों के साथ-साथ मानवाधिकारों को भी गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है.

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दावोस डिप्लोमेसी से ईरान की छुट्टी (Photo: AP) दावोस डिप्लोमेसी से ईरान की छुट्टी (Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:45 PM IST

ईरान में हफ्तों से जारी हिंसक प्रदर्शन और सरकार की सख्त कार्रवाई का अंतरराष्ट्रीय असर अब साफ नजर आने लगा है. इसी कड़ी में स्विट्ज़रलैंड के शहर दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से ईरान के विदेश मंत्री का निमंत्रण अचानक रद्द कर दिया गया है. उन्हें इस वैश्विक मंच पर हिस्सा लेना था, लेकिन अंतिम समय पर यह फैसला लिया गया.

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सूत्रों के अनुसार, यह फैसला इतना कठिन नहीं था क्योंकि ईरान में सुरक्षा बलों की तख्तापलट प्रदर्शनों पर की गई क्रूर कार्रवाई के कारण हजारों लोगों की मौतों की खबरें आ रही हैं. 

ऐसे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के बीच, ईरानी नेताओं को सम्मानजनक वैश्विक मंच प्रदान करना वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता था. इस फैसले से साफ़ हो गया है कि अब अंतरराष्ट्रीय मंच सिर्फ आर्थिक और कूटनीतिक विषयों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मानवाधिकारों और आंतरिक राजनीतिक स्थितियों को भी प्रायोरिटी दी जा रही है.

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ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची (Photo: X/@araghchi)

दिसंबर के अंत से शुरू हुए प्रदर्शन पूरे मजबूती से जारी हैं और सरकार की जवाबी कार्रवाई कड़ी आलोचना का कारण बनी है. अनेक मानवाधिकार संगठन इस हिंसा और मौतों पर गंभीर चिंता जता चुके हैं. 

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ईरानी प्रशासन ने दावोस से न्योता रद्द किए जाने को राजनीतिक दबावों का नजीता करार दिया है, लेकिन विदेशों में सक्रिय मानवाधिकार कार्यकर्ता और प्रदर्शनकारी इस कदम का स्वागत कर रहे हैं और इसे एक उचित कार्रवाई मान रहे हैं.

यह घटना वैश्विक समुदाय के लिए एक संकेत भी है कि किसी भी देश के आंतरिक हालात, विशेषकर मानवाधिकारों का उल्लंघन, अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहचान और आलोचना का विषय बन गया है.

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