मध्यस्थता करा रहे कतर में बरसीं ईरानी मिसाइलें, US फोर्स और लॉजिस्टिक सपोर्ट पर हमला

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच कतर, बहरीन और कुवैत भी जंग की चपेट में आ गए हैं. कतर ने मिसाइल हमलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है, जबकि ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और लॉजिस्टिक सपोर्ट सेंटर को निशाना बनाया.

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ईरान ने पलटवार करते हुए खाड़ी मुल्कों में US बेस को निशाना बनाया. (Photo- ITG) ईरान ने पलटवार करते हुए खाड़ी मुल्कों में US बेस को निशाना बनाया. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:49 AM IST

ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैलती नजर आ रही है. संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे कतर पर शुक्रवार तड़के बड़े मिसाइल हमले हुए. कतर के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि उसकी एयर डिफेंस ने देश को निशाना बनाकर दागी गई कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया. ईरानी सेना का कहना है कि उसने कुवैत में अमेरिकी सेना और लॉजिस्टिकल सपोर्ट सेंटर को ड्रोन हमलों में निशाना बनाया है. इनके अलावा बहरीन में हेलिकॉप्टर और एयरक्राफ्ट को तबाह कर दिया है.

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कतर के गृह मंत्रालय के मुताबिक, इंटरसेप्ट की गई एक मिसाइल का मलबा गिरने से एक बच्चा घायल हो गया, जिसका इलाज चल रहा है. राजधानी दोहा में कई तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं और लोगों के मोबाइल फोन पर सुरक्षा अलर्ट जारी कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई. हालांकि ईरान ने अब तक आधिकारिक तौर पर कतर पर हमले की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है.

यह भी पढ़ें: ईरान में पावर स्टेशन, ब्रिज और कम्यूनिकेशन टावर्स को अमेरिका ने बनाया निशाना, ताबड़तोड़ मिसाइलें बरसाईं

ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सखिर एयर बेस को निशाना बनाया. वहीं कुवैत में भी ईरानी सेना ने ड्रोन हमलों के जरिए अमेरिकी सैन्य बलों और लॉजिस्टिक सपोर्ट सेंटर पर हमला करने का दावा किया है. कुवैती सेना ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइल और ड्रोन को इंटरसेप्ट किया. बयान में कहा गया कि ईरानी सेना ने अराश ड्रोन का इस्तेमाल करके बहरीन में साखिर बेस पर US मिलिट्री हेलीकॉप्टर और P-8 टोही विमान को निशाना बनाया.

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कुवैत में अमेरिकी सेना के लॉजिस्टिक सपोर्ट सेंटर पर हमला

ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य तैनाती वाले ठिकानों और लॉजिस्टिक सपोर्ट सेंटरों को ड्रोन से निशाना बनाया है. ईरानी सरकारी एजेंसी फ़ारस न्यूज के मुताबिक, सेना ने एक बयान में कहा कि "वह इतिहास, जनता के समर्थन, अनुभव और युद्ध की तैयारी के दम पर हर तरह के दबाव और खतरे का मजबूती से सामना करने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है."

अमेरिका ने ईरान में बरसाईं ताबड़तोड़ मिसाइलें

इससे पहले अमेरिका ने भी ईरान पर हमले तेज कर दिए हैं. ईरानी मीडिया के मुताबिक, होर्मोजगान प्रांत में कई पुलों, रेलवे जंक्शन, बिजली लाइनों और बंदर अब्बास से जुड़े अहम मार्गों पर अमेरिकी हवाई हमले किए गए. बंदर अब्बास के पास स्थित कहूरेस्तान ब्रिज को भी भारी नुकसान पहुंचा है. ईरानी मीडिया के मुताबिक, इन हमलों में कमोबेश सात लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं.

यह भी पढ़ें: 'बहुत जल्द दिखेगा नतीजा', ईरान जंग पर देश के नाम संबोधन में बोले राष्ट्रपति ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यदि ईरान बातचीत की मेज पर नहीं लौटता है तो उसके पावर प्लांट्स, पुलों और अन्य अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाएगा. मसलन, लगातार हो रहे जवाबी हमलों के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है. कतर, जो अब तक अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा था, अब खुद भी इस संघर्ष की सीधी चपेट में आता दिखाई दे रहा है.

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