हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब लगातार हमला जारी है. इस बार हूती विद्रोहियों के मिसाइल की चपेट में एक मस्जिद ही आ गई, इसके अलावा कई इमारते भी तबाह हो गई हैं. हूतियों ने ये अटैक सऊदी अरब के जजान प्रांत में किया है.
सऊदी सिविल डिफेंस ने बताया कि शनिवार को यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी जाज़ान इलाके में एक मिसाइल से हमला किया, जिसमें दो लोग घायल हो गए और एक मस्जिद टूट गई इसके अलावा कई मस्जिदों को नुकसान पहुंचा.
इंटरनेशनल ऑर्गनाइज़ेशन फ़ॉर माइग्रेशन और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार सितंबर की शुरुआत में शुरू हुए इस लड़ाई में 500 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.
सिविल डिफेंस के एक प्रवक्ता ने आम नागरिकों से जुड़ी जगहों को निशाना बनाने की हूती विद्रोहियों को कोशिशों को "अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन" बताया और कहा कि तय इमरजेंसी प्रक्रियाओं को लागू कर दिया गया है.
ईरान का समर्थन करने वाले हूथी विद्रोहियों ने कहा कि उन्होंने दक्षिणी नज्रान प्रांत के शरूराह में सऊदी सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया. हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने X पर एक पोस्ट में कहा कि हमले में "हथियारों के गोदामों और कमांड एंड कंट्रोल सेंटरों" को निशाना बनाया गया और जिन जगहों पर हमला किया गया वे "हमारे देश और लोगों के खिलाफ आक्रामण को अंजाम दे रही थीं."
ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने एक बयान में दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के नज्रान इलाके के शरूराह प्रांत में एक सैन्य अड्डे को निशाना बनाया. उन्होंने कोई सबूत नहीं दिया और न ही यह बताया कि हमला कब हुआ. लेकिन उन्होंने सऊदी अरब को चेतावनी दी कि अगर और सैन्य कार्रवाई की गई, तो सऊदी इलाके के अंदर और भी बड़े और ज़ोरदार हमले किए जाएंगे.
बाद में सऊदी सिविल डिफेंस ने कहा कि खमीस मुशैत इलाके में रहने वाले लोगों के लिए चेतावनी जारी करने के बाद अब खतरा टल गया है.
हूती लड़ाकों ने यमन के पूरे लाल सागर तट पर कब्ज़ा कर लिया है और रणनीतिक रूप से अहम बंदरगाह शहर मोचा को अपने नियंत्रण में ले लिया है, जबकि यमन की सरकारी सेनाओं ने अल-जौफ़, मारिब और अल-बैदा में नए मोर्चे खोल दिए हैं.
अधिकारियों के अनुसार इस लड़ाई में 500 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं.
सऊदी का जवाबी हमला
इधर सऊदी अरब भी अपनी क्षमता के अनुरूप हूती विद्रोहियों को जवाब दे रहा है. सऊदी अरब के हवाई हमलों का मुख्य मकसद हूती सेना की आगे बढ़ती गतिविधियों को रोकना है. सऊदी अरब अब हूती विद्रोहियों के सैन्य संसाधनों को टारगेट कर रहा है.
सऊदी अरब ने हाल ही में 'अंसार अल्लाह' के कब्ज़े में आए इलाकों पर 129 हवाई हमले हुए हैं. इनमें उत्तर के वे इलाके भी शामिल हैं जहां हूती गुट यमनी सरकार के गढ़ माने जाने वाले मारिब शहर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा है.
सऊदी चेतावनी के बावजूद हूती गुट की तरफ़ से पीछे हटने या कदम वापस खींचने जैसी कोई खास बात नहीं देखी गई है. अभी कोई आमने-सामने की लड़ाई भी नहीं हो रही है. फिलहाल ज़्यादातर हवाई हमले ही हो रहे हैं. मोचा बंदरगाह और बाब अल-मंदेब के आस-पास के इलाकों से यमनी सेना के काफ़ी पीछे हट जाने की वजह से तोप से गोलेबारी भी नहीं हो रही है.
इस इलाके के आस-पास सरकारी सेना का कोई नामो-निशान नहीं है, इसीलिए हूथी सेना की आगे बढ़ती गतिविधियों को निशाना बनाने के लिए ज़्यादातर सऊदी अरब के हवाई हमलों का ही सहारा लिया जा रहा है.
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