हूती विद्रोहियों ने सऊदी समर्थित यमन की सरकारी सेना पर हमला जोरदार हमला किया है. इस हमले में 18 लोग मारे गए हैं. रॉयटर्स को सरकारी और मेडिकल कॉलेज के चार सूत्रों ने बताया कि सोमवार को यमन के शबवा प्रांत में ईरानी समर्थक हूती विद्रोहियों द्वारा यमनी सरकार के एक मिलिट्री ट्रेनिंग कैंप पर किए गए हमले में कम से कम 18 लोग मारे गए.
सरकारी सूत्रों ने बताया कि यह हमला सुबह किया गया. और इसमें ट्रेनिंग के दौरान सैनिकों को निशाना बनाया गया था. हमले के लिए हूती विद्रोहियों ने तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं.
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करने वाले सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन और राजधानी सना तथा उत्तरी हिस्से के बड़े भाग पर नियंत्रण रखने वाले हूतियों के बीच हाल के हफ्तों में लड़ाई तेज हो गई है. यह व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का एक और मोर्चा बन गया है, जिसकी शुरुआत फरवरी के अंत में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों से हुई थी.
वहीं हूतियों का एक दूसरा हमला रियाद में भी हुआ है.
रविवार को नजरां के एक रिहायशी इलाके में हूती गुट का एक प्रोजेक्टाइल गिरने से छह नागरिक घायल हो गए, जबकि तीन घरों और तीन वाहनों को नुकसान पहुंचा.
सिविल डिफेंस के एक प्रवक्ता ने कहा कि आम नागरिकों से जुड़ी जगहों को निशाना बनाने की कोशिश अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन है, और ऐसी घटनाओं के लिए तय प्रक्रियाओं को लागू कर दिया गया है.
एजेंसी ने रविवार दोपहर को शहर में संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया था, लेकिन बाद में बताया कि खतरा टल गया है.
ये हूती विद्रोहियों के सबसे बड़े हमले में से एक है. 15-16 अक्टूबर 2026 को हूतियों ने अदन के राष्ट्रपति महल (अल-माशिक पैलेस) पर पांच बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसमें पांच लोगों की मौत और 16 घायल हुए. हालांकि प्रधानमंत्री सुरक्षित रहे. अगले दिन अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो मिसाइलें गिरीं, जो एक हफ्ते में दूसरा हमला था; कोई हताहत नहीं हुआ.
इससे पहले सऊदी अरब में रियाद के किंग खालिद हवाई अड्डे पर कई हमले हुए, जिनमें लगभग 17 मौत हो गई. इसकी वजह से हवाई अड्डा बंद रह. ढहरान में सऊदी अरामको मुख्यालय पर भी हमला हुआ. सऊदी गठबंधन मिसाइलें और ड्रोन इंटरसेप्ट कर रहा है और जवाबी हमले कर रहा है.
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