गाजा युद्ध से जुड़े कथित युद्ध अपराधों को लेकर इजरायली सैनिकों पर कानूनी कार्रवाई का मामला अब भारत तक पहुंच गया है. एक फ़िलिस्तीनी अधिकार संगठन द्वारा वॉर क्रिमिनल का आरोपी ठहराए जाने के बाद इजरायली सैनिक ने भारत छोड़ दिया है. वह भारत में छुट्टियां मना रहा था, लेकिन आरोपी ठहराए जाने के बाद उसने भारत छोड़ दिया. फिलिस्तीनी संगठन ने उस पर गाजा में आम नागरिकों की संपत्ति नष्ट करने में शामिल होने का आरोप लगाया.
जानकारी के मुताबिक, ब्रसेल्स स्थित 'हिंद रजब फ़ाउंडेशन' द्वारा अगस्त में शिकायत दर्ज कराने के बाद वह सितंबर में भारत आ गया था. लंदन के ऑनलाइन न्यूज आउटलेट मिडिल ईस्ट आई ने मामले से जुड़े एक वकील के हवाले से बताया गया कि फिलहाल यह साफ नहीं है कि शिकायत की वजह से IDF सैनिक गया है या भारत में उनकी छुट्टियां समाप्त हो गई.
क्यों भारत को चुनते हैं इज़राइली
फ़िलिस्तीन-समर्थक एक्टिविस्ट ने अब दुनिया के दूसरे हिस्सों की तरह ही भारत में भी इजरायली सैनिकों का पता लगाने की कोशिश शुरू कर दी है. बता दें, इज़राइली लोग छुट्टियों के लिए भारत को चुनते हैं क्योंकि यह उन कुछ जगहों में से एक है जहां यहूदियों के प्रति नफ़रत (एंटी-सेमिटिज़्म) नहीं देखी गई है.
फ़िलिस्तीन-समर्थक एक्टिविस्ट ने नीदरलैंड, पुर्तगाल, इटली, साइप्रस, रोमानिया, ब्राज़ील, चिली और श्रीलंका जैसे देशों में IDF सैनिकों का पता लगाया है. कुछ लोगों का कहना है कि ड्यूटी पर न होने वाले सैनिकों की निजी जानकारी सार्वजनिक किए जाने से उनकी जान को खतरा हो सकता है.
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शिकायत में क्या आरोप लगाए गए
IDF सैनिक के भारत छोड़ने की यह घटना, HRF द्वारा इज़राइली रिज़र्व सैनिक ईटान गिलबोआ की गिरफ़्तारी की मांग करते हुए एक अलग शिकायत दर्ज कराने के तीन महीने बाद हुई है. हिमाचल प्रदेश में गिलबोआ का पता चला था लेकिन इसके बाद वह भारत छोड़कर चला गया.
ब्रसेल्स स्थित HRF ने 18 अगस्त को नई शिकायतें दर्ज कराई थी. इसमें आरोप लगाया गया कि एक अज्ञात सैनिक ने गाज़ा में अपनी तैनाती और खान यूनिस गवर्नरेट में इज़राइली सैन्य अभियानों के दौरान आम नागरिकों की संपत्ति को गैर-कानूनी तरीके से नष्ट करने की घटना में अपनी सीधी भागीदारी का दस्तावेजीकरण किया था.
अगस्त में शिकायत दर्ज कराने के बाद HRF के महानिदेशक ड्याब अबू जाहजाह ने 'मिडिल ईस्ट आई' को बताया, "भारत में दर्ज कराई गई यह दूसरी शिकायत दोषियों को अदालत के सामने लाने के हमारे संकल्प और कर्तव्य का हिस्सा है." HRF निदेशक ने भारतीय अधिकारियों से इन आरोपों पर कार्रवाई करने का भी आग्रह किया था.
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