यूरोप इस समय साल की सबसे खतरनाक हीटवेव का सामना कर रहा है. फ्रांस, जर्मनी, स्पेन और इटली समेत कई देशों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और कई इलाकों में यह 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है. बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारें आपात कदम उठाने पर मजबूर हो गई हैं.
फ्रांस में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक माने जा रहे हैं. देश के 96 प्रशासनिक क्षेत्रों में से 35 क्षेत्रों में रेड हीटवेव अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई इलाकों में तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि कुछ स्थानों पर यह 41 डिग्री तक जाने की आशंका है.
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हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने आपात बैठक बुलाई. इसके बाद 35 प्रभावित क्षेत्रों में रविवार को होने वाले वार्षिक "फेट डे ला म्यूजिक" उत्सव और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान शराब पीने पर अस्थायी रोक लगा दी गई. वहीं, लोगों को राहत देने के लिए पेरिस प्रशासन ने शहर के पार्कों को चौबीसों घंटे खुला रखने का फैसला किया है.
यूरोपीय देशों में भीषण गर्मी, तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार
जर्मनी में भी भीषण गर्मी का असर दिखाई दे रहा है. देश के अधिकांश हिस्सों में हीट अलर्ट जारी किया गया है. जर्मन मौसम सेवा DWD ने चेतावनी दी है कि तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. गर्मी और नमी के मेल से कई इलाकों में तेज आंधी और खतरनाक तूफान भी आ सकते हैं.
इटली में गर्मी ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है. राजधानी रोम में ऐतिहासिक कोलोसियम के बाहर पर्यटक तेज धूप में लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए. उत्तरी शहर बोलोन्या में लोग पब्लिक फाउंटेंस के पास जाकर राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं.
स्पेन में भी हालात गंभीर हैं. राजधानी मैड्रिड में विश्व कप मैच दिखाने के लिए बनाया गया बड़ा फैन जोन बंद करना पड़ा है. अधिकारियों का कहना है कि गर्मी की वजह से लोगों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया.
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यूरोप में जलवायु परिवर्तन का गंभीर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण यूरोप में हीटवेव की घटनाएं पहले की तुलना में अधिक बार और अधिक तीव्र हो रही हैं. इसका असर सिर्फ स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है.
फ्रांस के केंद्रीय बैंक के गवर्नर इमैनुएल मौलिन ने कहा कि अत्यधिक गर्मी से उत्पादकता प्रभावित होती है और ऊर्जा की मांग बढ़ जाती है. उन्होंने चेतावनी दी कि लंबे समय तक जारी रहने वाली हीटवेव आर्थिक गतिविधियों पर भी नकारात्मक असर डाल सकती है.
यूरोप के कई देशों में फिलहाल प्रशासन लोगों को घरों में रहने, पर्याप्त पानी पीने और दोपहर के समय जरूरत न पड़ने पर बाहर निकलने से बचने की सलाह दे रहा है. गर्मी का यह दौर आने वाले दिनों में और गंभीर हो सकता है.
आजतक इंटरनेशनल डेस्क