अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगले सप्ताह होने वाले मिडटर्म इलेक्शन के नतीजों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि वह चुनाव परिणामों को स्वीकार करेंगे, लेकिन इसके लिए एक शर्त भी रखी है. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह नतीजों का सम्मान तभी करेंगे, जब चुनाव ईमानदारी से कराए जाएंगे.
मंगलवार (27 अक्टूबर) को टेक्सास के चुनावी दौरे पर रवाना होने से पहले एयर फोर्स वन विमान में सवार होने के दौरान ट्रंप ने कहा, 'अगर चुनाव ईमानदारी से होते हैं, तो मैं मिडटर्म इलेक्शन के नतीजों का सम्मान करूंगा.' अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है, जब 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले रिपब्लिकन पार्टी कई राज्यों में चुनावी चुनौतियों का सामना कर रही है.
टेक्सास में चुनाव प्रचार करने पहुंचे ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप टेक्सास में रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन के समर्थन में प्रचार करने जा रहे थे. यहां अमेरिकी सीनेट की सीट के लिए केन पैक्सटन का मुकाबला डेमोक्रेटिक पार्टी के जेम्स टालारिको से है. चुनाव से पहले ट्रंप ने पारंपरिक रूप से रिपब्लिकन पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले राज्यों में अपना चुनाव प्रचार तेज कर दिया है. इसकी वजह देश के अलग-अलग हिस्सों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों की चुनावी संभावनाओं को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं.
मीडिया बातचीत में रिपब्लिकन रणनीतिकारों ने अलास्का से लेकर साउथ कैरोलिना तक कई चुनावी मुकाबलों को लेकर चिंता जताई है. उनके मुताबिक, ट्रंप की टैरिफ नीतियों और ईरान के साथ युद्ध के कारण महंगाई पर पड़े असर से मतदाताओं में असंतोष है, जो चुनावों में पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है.
3 नवंबर को कांग्रेस की 470 सीटों पर चुनाव
अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव बेहद महत्वपूर्ण हैं. इन चुनावों से तय होगा कि अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों पर किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा. चुनाव में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और सीनेट की 100 में से 35 सीटों पर मतदान होगा. जनमत सर्वेक्षणों से संकेत मिल रहे हैं कि डेमोक्रेटिक पार्टी प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल कर सकती है. वहीं, सीनेट में भी दोनों दलों के बीच मुकाबला महत्वपूर्ण बना हुआ है
डेमोक्रेट्स की जीत से ट्रंप की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
फिलहाल अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण है. इससे 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद व्हाइट हाउस लौटे डोनाल्ड ट्रंप को अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद मिली है.
हालांकि, अगर मध्यावधि चुनाव में कांग्रेस का नियंत्रण डेमोक्रेटिक पार्टी के हाथों में चला जाता है, तो ट्रंप की विधायी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाना मुश्किल हो सकता है. इसके अलावा डेमोक्रेट्स को ट्रंप प्रशासन के कामकाज की संसदीय जांच शुरू करने का अवसर भी मिल सकता है.
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