'न राष्ट्रपति मेरी हर बात मानते हैं, न मैं उनकी सुनता हूं', ट्रंप से मतभेदों पर बोले इजरायली PM नेतन्याहू

इजरायली पीएम ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हम दोनों स्वतंत्र देशों के नेता हैं और हमेश एक-दूसरे की हर इच्छा पूरी नहीं कर सकते.

Advertisement
नेतन्याहू ने ट्रंप के साथ रिश्तों पर बोली बड़ी बात. (File PHOTO: Getty and Reuters) नेतन्याहू ने ट्रंप के साथ रिश्तों पर बोली बड़ी बात. (File PHOTO: Getty and Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जून 2026,
  • अपडेटेड 7:50 AM IST

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने संबंधों को लेकर खुलकर बात की है. उन्होंने कहा कि दोनों नेता हमेशा एक-दूसरे की हर बात को पूरी तरह नहीं स्वीकार करते, क्योंकि वो स्वतंत्र देशों के नेता हैं. हालांकि, अभी ये स्प्ष्ट नहीं है कि उन्होंने ये बातें किस संदर्भ में कही हैं.

इंटरनेशनल पॉलिसी सब्मिटी में बोलते हुए नेतन्याहू ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप वह सब कुछ नहीं करते जो मैं चाहता हूं और न ही मैं वो सब कुछ करता हूं जो वो चाहते हैं. हम आजाद और गर्व करने वाले देशों के नेता हैं, कभी-कभी हमारी राय एक-दूसरे से अलग होती है.

Advertisement

इजरायली पीएम का ये बयान हालिया घटनाओं के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इजरायल हमास, हिज्बुल्लाह और ईरान समर्थित समूहों के साथ सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है. अमेरिका इन मुद्दों पर इजरायल का समर्थन करता आया है, लेकिन ट्रंप प्रशासन हमेशा इजरायल की हर मांग को तुरंत स्वीकार नहीं करता. इसी तरह इजरायल भी अमेरिकी हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी नीतियां तय करता है.

'18 घंटे लंबी बातचीत'

उधर, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर ईरान की तरफ से बड़ी जानकारी सामने आई है. ईरान की न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि दोनों देशों के बीच 18 घंटे तक बातचीत चली. इस बातचीत में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. अब आगे की बातचीत के लिए टेक्निकल टीमें काम करेंगी. इस पूरी बातचीत में कतर और पाकिस्तान ने बीच में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ कर दिया कि इस दौर में बातचीत करने वाले दल यानी नेगोशिएटिंग डेलिगेशन का काम फिलहाल खत्म हो गया है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि सब कुछ रुक गया है. टेक्निकल टीमें यानी जो विशेषज्ञ लोग हैं, वो अगले दिन भी अपना काम जारी रखेंगे. मतलब बातचीत का एक चरण पूरा हुआ है, लेकिन काम अभी बाकी है.

इस बातचीत में कतर और पाकिस्तान ने मध्यस्थ यानी बीच का रोल निभाया है. अब इन दोनों मध्यस्थों की तरफ से एक लिखित दस्तावेज जारी किया जाएगा. इस दस्तावेज में उन सभी बातों की रूपरेखा होगी, जिन पर 18 घंटे की बातचीत के दौरान सहमति बनी है. यानी जो भी बातें तय हुई हैं, उन्हें एक कागज पर लिखकर पेश किया जाएगा. इसे दोनों पक्षों के बीच हुई सहमति का दस्तावेज माना जाएगा.

ईरान की दो बड़ी मांगें

ईरानी प्रवक्ता ने बताया कि इस दस्तावेज से अलग तीन अहम मुद्दे हैं, जिनमें से दो बेहद जरूरी हैं. पहला मुद्दा ये है कि ईरान को अपना तेल बेचने के लिए जरूरी परमिट मिलना चाहिए. यानी ईरान चाहता है कि उसके तेल की बिक्री पर जो पाबंदियां हैं, वो हटाई जाएं और उसे खुलेआम अपना तेल दूसरे देशों को बेचने की इजाजत दी जाए.

दूसरा मुद्दा ईरान के जमा किए गए पैसों से जुड़ा है. ईरान के अरबों डॉलर दूसरे देशों में फंसे हुए हैं, जिन्हें फ्रोजन एसेट्स कहा जाता है. ये वो पैसा है जो अमेरिकी पाबंदियों की वजह से ईरान इस्तेमाल नहीं कर पा रहा. ईरान चाहता है कि ये पैसा उसे वापस मिले.

ईरानी प्रवक्ता ने साफ कहा कि ये दो मुद्दे बहुत अहम हैं और इनका हल निकलना जरूरी है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »