ईरान वॉर का दायरा अब इराक तब पहुंच गया है. अमेरिका और सऊदी अरब के ताजा जॉइंट हमले में 18 इराकी फाइटर मारे गए हैं.
US सेंट्रल कमांड ने कहा है कि पिछले 72 घंटों में IRGC के कहने पर हुए 30 से ज़्यादा हवाई ड्रोन हमलों के जवाब में US और सऊदी लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में कई जगहों पर आतंकवादियों के लॉजिस्टिक्स और हथियारों के ठिकानों पर हमले किए.
कमांड ने कहा कि रिवोल्यूशनरी गार्ड और उसके आतंकवादी सहयोगियों को ये हमले बंद करने होंगे, ताकि US की तरफ़ से और कोई सैन्य कार्रवाई न हो.
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इन हमलों की बात मानी और चेतावनी दी कि "सऊदी अरब इस बात पर ज़ोर देता है कि वह तनाव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन अगर उस पर कोई हमला होता है, तो वह उसका जवाब ज़रूर देगा." अमेरिका और सऊदी अरब के इस हमले में 18 इराकी फाइटर मारे गए हैं. अमेरिका और सऊदी अरब का हमला इराक के 7 प्रातोंं में हुआ. इसमें कम से कम 20 इराकी लड़ाके मारे गए और 32 अन्य घायल हो गए.
इधर सऊदी अरब और इराक के बीच ताजा तनाव के बाद गुरुवार को जेद्दा में इराकी प्रधानमंत्री और सऊदी क्राउन प्रिंस के बीच होने वाली बैठक रद्द कर दी गई है.
'पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फोर्सेज़' मुख्य रूप से शिया और ईरान समर्थित हथियारबंद गुटों का एक गठबंधन है जो आधिकारिक तौर पर इराकी सेना की कमान में है. इसने एक बयान में कहा कि इराक के कई हिस्सों में उसके ठिकानों पर रात भर हुए हमलों में कम से कम 20 लड़ाके मारे गए और 32 अन्य घायल हो गए.
PMF में शामिल गुटों ने 2014 में 'इस्लामिक स्टेट' समूह द्वारा इराक के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा करने के बाद उसके खिलाफ लड़ाई में हिस्सा लिया था.
2016 में इराकी सरकार ने PMF को इराकी सशस्त्र बलों के भीतर एक "स्वतंत्र सैन्य यूनिट" का दर्जा दिया, लेकिन असल में इसके सदस्य मिलिशिया काफी हद तक अपनी मर्ज़ी से काम करते रहे हैं. उनमें से कुछ ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले भी किए हैं.
सऊदी अरब ने मंगलवार को कहा कि उसने लगातार दूसरे दिन इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा छोड़े गए ड्रोन को मार गिराया। वहीं यमन में ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब की नाकेबंदी के तहत एक सऊदी तेल टैंकर को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया.
सोमवार को सऊदी अरब द्वारा इसी तरह के हमले का आरोप लगाए जाने के बाद इराकी नेता अल-ज़ैदी ने सुरक्षा एजेंसियों को जांच के आदेश दिए. इराकी सेना ने कहा कि देश "इराकी क्षेत्र का इस्तेमाल मित्र देशों पर हमले के लिए रास्ता या लॉन्चिंग पॉइंट के तौर पर होने से रोकने" के लिए प्रतिबद्ध है.
इराकी मिलिशिया ने ड्रोन हमलों में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है. ईरान समर्थित हथियारबंद गुटों के एक बड़े संगठन 'इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक' ने सऊदी अरब के दावों को मनगढ़ंत बताया और कहा कि सोमवार के हमले हूतियों ने किए थे, जिन्होंने खुद सऊदी तेल ठिकानों पर हमले का दावा किया था.
ईरान के सरकारी मीडिया का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में टैंकरों पर हमले हुए.
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