'अच्छा होगा अगर ईरान में...', ट्रंप ने फिर खामेनेई शासन को धमकाया, नेतन्याहू से मिलने के बाद बढ़ाया प्रेशर

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर खुलकर सत्ता परिवर्तन की बात कही है. अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती के साथ ट्रंप ने धमकाया कि अगर बातचीत नाकाम रही तो ईरान को गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं.

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ईरान पर अमेरिकी हमले का खतरा बढ़ता जा रहा है (Photo: ITGD) ईरान पर अमेरिकी हमले का खतरा बढ़ता जा रहा है (Photo: ITGD)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:32 AM IST

अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अली खामेनेई शासन को लेकर एक बार फिर खुली धमकियां दी हैं. ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन होता है तो यह अब तक की सबसे अच्छी बात होगी. उन्होंने हाल ही में इजरायली पीएम नेतन्याहू से मुलाकात की है. इनके अलावा एक अतिरिक्त एयरक्राफ्ट कैरियर भी मिडिल ईस्ट की तरफ रवाना किया है.

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नॉर्थ कैरोलाइना के फोर्ट ब्रैग में अमेरिकी सैनिकों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि तेहरान में सत्ता बदलना दुनिया के लिए बेहतर साबित हो सकता है. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अगर वहां सत्ता बदली तो यह सबसे अच्छा होगा." उन्होंने ईरान के इस्लामिक खामेनेई शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका दशकों से सिर्फ बातें ही सुन रहा है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "47 साल से वे सिर्फ बात, बात और बात कर रहे हैं. इसी दौरान हमने बहुत लोगों की जान गंवाई है." उन्होंने क्षेत्र में हिंसा और संघर्ष की तस्वीर खींचते हुए कहा, "लोगों ने पैर गंवा दिए, हाथ गंवा दिए, उनके चेहरे बिगड़ गए. यह सब बहुत लंबे समय से चल रहा है." हालांकि ट्रंप ने यह नहीं बताया कि ईरान की मौजूदा सत्ता के बाद कौन नेतृत्व संभालेगा. सवालों के जवाब में उन्होंने सिर्फ इतना कहा, "वहां लोग मौजूद हैं."

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ईरान पर अमेरिका ने और बढ़ाया प्रेशर 

राष्ट्रपति ट्रंप के ये बयान ऐसे समय आए हैं जब अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ा दी है. ट्रंप ने पुष्टि की कि अमेरिका ने दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप भी क्षेत्र में तैनात करने का फैसला किया है. व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा, "अगर डील नहीं होती, तो हमें इसकी जरूरत पड़ेगी. यह बहुत जल्द रवाना होगा." उन्होंने कहा कि एक एयरक्राफ्ट कैरियर पहले ही वहां पहुंच चुका है और दूसरा रास्ते में है.

दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात

दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत USS Gerald R. Ford अब कैरेबियन से मिडिल ईस्टर भेजा जा रहा है. यह पहले से मौजूद USS Abraham Lincoln के साथ तैनात होगा. यह तैनाती अमेरिका को मध्य पूर्व में टकराव की किसी स्थिति में अमेरिका को लॉन्चिंग पैड मुहैया कराएगी. ट्रंप ने साफ किया कि यह कदम ईरान पर दबाव बनाने के लिए उठाया गया है, ताकि परमाणु समझौते पर बातचीत आगे बढ़े.

'...तो ईरान के लिए बुरा होगा'

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर एक मीटिंग ओमान में हुई है. हालांकि, इस मीटिंग में बातचीत बेनतीजा रही थी. इसके बाद दोनों मुल्कों ने तय किया था कि वे फिर से चर्चा के लिए बैठेंगे लेकिन इसका वेन्यू अभी तय नहीं है. बीते दिन ट्रंप ने कहा था कि अगले महीने तक ईरान के साथ डील हो सकती है. अब उनका कहना है कि "अगर बातचीत सफल नहीं होती है तो यह ईरान के लिए बुरा साबित होगा."

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इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मुलाकात

राष्ट्रपति ट्रंप ने इससे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से लंबी बातचीत की. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने नेतन्याहू से बातचीत जारी रखने की बात कही है. रिपोर्ट के मुताबिक नेतन्याहू चाहते हैं कि किसी भी समझौते में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और हमास और हिज़्बुल्लाह जैसे संगठनों को समर्थन देने पर रोक शामिल हो. हालांकि, ईरान पहले ही इससे इनकार कर चुका है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालिया बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की गई थी.

खाड़ी देशों की चेतावनी

इस बीच अमेरिका-ईरान में बढ़ते तनाव पर खाड़ी मुल्क नजर बनाए हुए हैं और चेतावनी दी है कि अगर टकराव होता है तो जंग पूरे क्षेत्र यानी खाड़ी देशों में फैल जाएगी.  हाल ही में अमेरिकी नौसेना ने एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया था, जो अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर के करीब पहुंच गया था. इससे पहले ईरान ने भी एक अमेरिकी जहाज को समुद्र में पकड़ने की कोशिश की थी. हालांकि, तनाव कम हुआ और टकराव जैसे हालात पैदा नहीं हुई और बातचीत करने पर सहमत हुए. 

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