महिलाओं का मेकअप, रंगीन स्कार्फ तालिबान को नहीं आया पसंद, 52 अफगान महिलाएं गिरफ्तार

जुलाई से सितंबर के बीच काबुल और हेरात में ड्रेस कोड के कथित उल्लंघन के आरोप में 52 अफगान महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है. संयुक्त राष्ट्र मिशन UNAMA अफगान महिलाओं की गिरफ्तारी, धमकियों और उनके साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं पर चिंता जताई है.

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रंगीन स्कार्फ पहनने, मेकअप लगाने पर 52 अफगान महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है. (Representational Image-ITG) रंगीन स्कार्फ पहनने, मेकअप लगाने पर 52 अफगान महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है. (Representational Image-ITG)

aajtak.in

  • काबुल,
  • 09 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:34 AM IST

अफगानिस्तान में तालिबान शासन के तहत महिलाओं पर पाबंदियां लगातार सख्त होती जा रही हैं. संयुक्त राष्ट्र के मिशन (UNAMA) ने एक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान प्रशासन ने पिछले कुछ महीनों में दर्जनों महिलाओं को ड्रेस कोड का पालन न करने और बिना पुरुष गार्जियन के बाहर निकलने पर गिरफ्तार किया है. यह पूरी कार्रवाई काबुल और हेरात जैसे बड़े शहरों में की गई है.

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संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक,  जुलाई से सितंबर के बीच कम से कम 52 महिलाओं और एक बच्ची को गिरफ्तार किया गया. महिलाओं पर आरोप था कि उन्होंने रंग-बिरंगे स्कार्फ पहने थे या चेहरे पर मेकअप लगाया हुआ था. कुछ महिलाओं के बाल दिख रहे थे, जबकि कुछ ने शरीर को पूरी तरह ढकने वाला चादर जैसा कपड़ा नहीं पहना था. संयुक्त राष्ट्र ने इन गिरफ्तारियों और महिलाओं को दी जा रही धमकियों पर गहरी चिंता जताई है.

वहीं इस रिपोर्ट पर संयुक्त राष्ट्र मिशन ने चिंता जताई है. UNAMA का कहना है कि वास्तविक मामलों की संख्या दर्ज आंकड़ों से काफी अधिक हो सकती है. लोक-लाज और सुरक्षा के डर से कई महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज नहीं करा पाती हैं. 

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रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि महिला दुकानदारों और आम महिलाओं के साथ बदसलूकी, मारपीट और धमकियों की घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं. फिलहाल तालिबान सरकार की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है.

विरोध प्रदर्शन पर भी कड़ी पाबंदी

तालिबान के कड़े नियमों के खिलाफ जब महिलाएं आवाज उठाती हैं, तो उसे दबा दिया जाता है. जून के महीने में हेरात शहर में महिलाओं की गिरफ्तारी के खिलाफ बड़े स्तर पर एक विरोध प्रदर्शन हुआ था. उस समय तालिबानी बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चला दी थीं. इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

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दरअसल, 2021 में अमेरिकी सेना की वापसी के बाद तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा कर लिया था. इसके बाद से देश में शरिया कानून की बेहद सख्त व्याख्या लागू कर दी गई है. महिलाओं की उच्च शिक्षा और काम करने पर कई तरह के प्रतिबंध हैं. सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं को सिर से लेकर पांव तक ढककर निकलना अनिवार्य कर दिया गया है. इन नियमों को लागू कराने का काम तालिबान का 'सदाचार मंत्रालय' कर रहा है.
 

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