पश्चिम बंगाल की महिला से मैसूरु में हैवानियत, बस स्टैंड से अगवा कर लॉज में गैंगरेप

कर्नाटक के मैसूरु जिले के टी. नरसीपुरा में पश्चिम बंगाल की 30 वर्षीय महिला का कथित तौर पर अपहरण कर तीन लोगों ने गैंगरेप किया. पीड़िता के मुताबिक आरोपी उसे ग्रे रंग की कार में जबरन बैठाकर एक लॉज में ले गए, जहां उसके साथ मारपीट और सामूहिक दुष्कर्म किया. आरोपियों ने ₹5,000 नकद और दो मोबाइल भी लूट लिए.

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बर्थडे पार्टी से लौटने के दौरान किया था किडनैप. (Photo: Representational ) बर्थडे पार्टी से लौटने के दौरान किया था किडनैप. (Photo: Representational )

सगाय राज

  • मैसूरु,
  • 21 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:21 AM IST

कर्नाटक के मैसूरु जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां  टी. नरसीपुरा कस्बे में पश्चिम बंगाल की एक 30 वर्षीय महिला का प्राइवेट बस स्टैंड के पास से अपहरण कर लिया गया और तीन लोगों ने उसके साथ गैंग-रेप किया. एफआईआर के मुताबिक महिला 18 जुलाई को एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में शामिल होने के लिए मैसूरु गई थी. रात करीब 9.45 बजे टी. नरसीपुरा लौटने पर, तीन अज्ञात लोगों ने उसे जबरन ग्रे रंग की कार में बिठा लिया.

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गैंगरेप के बाद आरोपियों ने रुपये और मोबाइल भी छीना
आरोपी उसे गुंजा नरसिम्हास्वामी मंदिर के रास्ते से पड़ोसी चामराजनगर जिले के संथेमाराहल्ली के पास एक लॉज में ले गए, जहां उन्होंने उसके साथ मारपीट की और गैंग-रेप किया. महिला ने यह भी आरोप लगाया कि 19 जुलाई की सुबह उसके घर के पास छोड़ने से पहले आरोपियों ने उससे ₹5,000 नकद और दो मोबाइल फोन लूट लिए. अपने मकान मालिक को बताने के बाद पुलिस को सूचना दी गई और पीड़िता को टी. नरसीपुरा पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जिसके बाद उसे मैसूरु के के.आर. अस्पताल स्थित 'सखी वन स्टॉप सेंटर' भेज दिया गया.

पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों किरण, किशोर और रियान को गिरफ्तार कर लिया. ये सभी टी. नरसीपुरा के रहने वाले हैं. उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. फिलहाल टी. नरसीपुरा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच चल रही है.

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पीड़िता की दादी भी है कैंसर से पीड़ित
पीड़िता ने FIR में कहा है कि मेरा परिवार पश्चिम बंगाल का रहने वाला है. कुछ वर्ष पहले मेरे माता-पिता अपनी दो बेटियों और दो बेटे के साथ कार से एक रिश्तेदार की शादी में जा रहे थे. इसी दौरान उनका एक्सीडेंट हो गया और सभी की मौत हो गई. मेरे दादा-दादी ने मेरी परवरिश की. हालांकि मेरे दादा की 2006 में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. पिछले दो सालों से मेरी दादी भी कैंसर से पीड़ित हैं और उनके इलाज में काफी पैसा खर्च हुआ है. इससे बहुत ज़्यादा आर्थिक तंगी हो गई.

लगभग तीन महीने पहले, मैं मैसूर जिले के टी. नरसीपुरा आई, विवेकानंद नगर में किराए पर एक घर लिया और एक फास्ट-फूड की दुकान पर काम करने लगी. मैं जो पैसे कमाती हूं, उन्हें अपनी दादी सलीना मुंडा के बैंक खाते में जमा करती हूं. मैं अक्सर जन्मदिन की पार्टियों में भी जाती हूं. इसी क्रम में, 18 जुलाई 2026 को मेरी दोस्त मनप्रीत का जन्मदिन था, इसलिए मैं शाम करीब 5.30 बजे घर से निकली, प्राइवेट बस से मैसूर शहर गई और बाटा शोरूम के पास उसके जन्मदिन के जश्न में शामिल हुई.

ग्रे रंग की कार से किया किडनैप
रात करीब 8.30 बजे, जब मनप्रीत अपनी मां के घर जाने के लिए निकल रही थी, तो मैंने उसे रेलवे स्टेशन पर छोड़ा और टी. नरसीपुरा लौटने के लिए एक प्राइवेट बस में सवार हुई. मैं रात करीब 9.45 बजे प्राइवेट बस स्टैंड पहुंची. मैंने खाने-पीने की चीज़ें खरीदने के लिए आस-पास बेकरी ढूंढी, लेकिन सभी बेकरियां बंद थीं. जब मैं घर जा रही थी, तो प्राइवेट बस स्टैंड पर मेरे पास एक ग्रे रंग की कार रुकी. ड्राइवर ने मुझे कागज़ का एक टुकड़ा दिखाया और पूछा कि उस पर लिखा पता कहां है. मैंने जवाब दिया, 'मुझे कन्नड़ नहीं आती है.'" तभी, कार की पिछली सीट पर बैठे दो अनजान लोगों ने दरवाज़ा खोला और ज़बरदस्ती मुझे अंदर खींच लिया.

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कार में मौजूद तीनों में से किसी को भी मैं नहीं जानती थी. उनमें से एक की उम्र लगभग 40 साल, दूसरे की लगभग 35 साल और तीसरे की लगभग 28 साल लग रही थी. इसके बाद ड्राइवर ने कार को टी. नरसीपुरा के गुंजा नरसिम्हास्वामी मंदिर की ओर और फिर मोगुरु गांव की तरफ़ चलाया. रास्ते में उन्होंने धमकी दी कि अगर मैंने कुछ कहा या चिल्लाई, तो वे बीयर की बोतल से मेरे सिर पर वार करके मुझे मार डालेंगे. डर के मारे मैं चुप रही.

तीनों ने बारी-बारी से किया रेप
उन्होंने कई बार अलग-अलग होटलों के पास कार रोकी ताकि मुझे पता न चल सके कि वे मुझे किस होटल या लॉज में ले जा रहे हैं. रात करीब 11:30 बजे, उन्होंने मोगुरु गांव के पास एक लॉज के सामने कार रोकी और मुझे पिछले दरवाज़े से एक कमरे में ले गए. ऐसा लग रहा था कि उन्होंने सब कुछ पहले से ही प्लान कर रखा था. कमरे के अंदर, उन्होंने मेरे साथ मारपीट की और फिर तीनों लोगों ने एक-एक करके मेरे साथ रेप किया.

मारपीट के बाद उन तीनों लोगों ने पैसे की मांग की. उन्होंने धमकी दी कि अगर मैंने कैश नहीं दिया तो वे मुझे मार डालेंगे. उन्होंने मेरे पास मौजूद ₹5,000 ले लिए और मेरे दो मोबाइल फ़ोन भी छीन लिए. अपनी जान बचाने के लिए मैंने उनसे कहा कि मेरे घर पर ₹1 लाख रखे हैं और उनसे मुझे वहां ले जाने का अनुरोध किया, यह कहते हुए कि मैं उन्हें पैसे दे दूंगी. इसके बाद, रात 1:30 से 2:00 बजे के बीच, वे मुझे वापस मेरे घर के पास ले आए. मैं अपने मकान-मालिक के घर गई, दरवाज़ा खटखटाया और उन्हें जानकारी दी.

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