पश्चिम बंगाल में छात्र राजनीति एक बार फिर गरमाने के संकेत हैं. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि राज्य में अगले साल छात्र संघ के चुनाव कराए जाएंगे. कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के एक कार्यक्रम में उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार ने छात्र संघ चुनाव नहीं कराए. उन्होंने कहा कि ABVP के साथ हुई मुलाकात में अगले साल चुनाव कराने की बात कही गई है.
शुभेंदु ने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान ABVP और ‘वंदे मातरम’ की गूंज सुनाई देगी. उनके इस बयान को राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति को लेकर अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
कार्यक्रम में शुभेंदु अधिकारी ने जादवपुर यूनिवर्सिटी के वामपंथी छात्रों पर निशाना साधा. उन्होंने कम्युनिस्टों और ‘दिमागी नक्सल’ कहे जाने वालों को चुन-चुनकर उखाड़ फेंकने की बात कही. उन्होंने उन्हें ‘देशद्रोही’ बताते हुए कहा कि अब घर बैठने का समय नहीं है, बल्कि सड़क पर उतरकर उनका विरोध करना होगा.
उनके इस बयान से साफ है कि राज्य में छात्र राजनीति को लेकर भाजपा और वामपंथी संगठनों के बीच टकराव और बढ़ सकता है. हालांकि, चुनाव की तारीख और उसकी पूरी प्रक्रिया को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है.
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विकास रंजन भट्टाचार्य पर भी साधा निशाना
शुभेंदु अधिकारी ने वामपंथी नेता विकास रंजन भट्टाचार्य के घर पर हुए हमले का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक, घटना के बाद पुलिस ने तुरंत एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि भट्टाचार्य ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस घटना के पीछे हिंदूवादी संगठन का हाथ होने की बात कही, जो कि गलत है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में भी कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, हमले और उसके पीछे कथित तौर पर शामिल लोगों को लेकर जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है.
अब देखना यह होगा कि अगले साल छात्र संघ चुनाव की घोषणा को लेकर सरकार क्या कदम उठाती है और विश्वविद्यालयों में राजनीतिक बयानबाजी का असर छात्र संगठनों के बीच मुकाबले पर कितना पड़ता है.
अनुपम मिश्रा