पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में कोयला खदान में बड़ा हादसा टल गया. आसनसोल के कुमारडीह 'ए' कोलियरी में लिफ्ट खराब होने के कारण ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के 12 मजदूर जमीन से लगभग 200 फीट नीचे फंस गए थे. इन मजदूरों को बचाने के लिए लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन चला.
सोमवार शाम हुई इस घटना के बाद खदान में अफरा-तफरी मच गई. खदान में फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चला. आखिरकार मंगलवार सुबह इन मजदूरों को निकाल लिया गया.
मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार शाम मजदूर खदान के अंदर आने-जाने के लिए इस्तेमाल होने वाली लिफ्ट में सवार थे. इस लिफ्ट को स्थानीय भाषा में 'डोली' कहा जाता है. इसी दौरान लिफ्ट में तकनीकी खराबी आ गई और मजदूर जमीन के नीचे फंस गए. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लिफ्ट को ऑपरेट करने वाली तार या रस्सी इंजन रूम में लगे ड्रम में उलझ गई थी. इससे लिफ्ट का संचालन अचानक बंद हो गया और मजदूर नीचे ही फंस गए.
हादसे की जानकारी मिलते ही खदान में बचाव और मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया. लिफ्ट की रस्सी को ड्रम से छुड़ाने की कोशिश की गई. इसके लिए ड्रम को उल्टी दिशा में घुमाने का प्रयास किया गया, ताकि रस्सी को सुरक्षित तरीके से खोलकर लिफ्ट का संचालन दोबारा शुरू किया जा सके. मजदूरों को बचाने का यह ऑपरेशन करीब 13 घंटे चला.
इस घटना के बाद कोयला खदानों में मजदूरों को लाने और ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं.
मजदूरों का दावा है कि कुछ महीने पहले ही लिफ्ट की मरम्मत कराई गई थी. इसके बावजूद इसमें दोबारा तकनीकी खराबी आ गई. मजदूरों ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी डोली के फंसने की घटनाएं हो चुकी हैं और इसकी रस्सी को लेकर भी समस्याएं सामने आई थीं.
अनिल गिरी