एक लाख बांग्लादेशी जा चुके, अब SIR से बाहर 20 लाख लोगों पर सरकारी लाभ का संकट

पश्चिम बंगाल सरकार के सूत्रों के मुताबिक, भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग तेज होने के बाद एक लाख से ज्यादा बांग्लादेशी वापस जा चुके हैं. वहीं SIR में नाम नहीं आने वाले करीब 20 लाख लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है.

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एक लाख से ज्यादा बांग्लादेशी वापस लौटने का दावा. (FIle Photo) एक लाख से ज्यादा बांग्लादेशी वापस लौटने का दावा. (FIle Photo)

पीयूष मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 04 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 6:51 PM IST

पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग का काम तेज हो गया है. राज्य सरकार ने फेंसिंग के लिए अधिग्रहित जमीन का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा गृह मंत्रालय को सौंप दिया है. इस बीच दावा किया गया है कि सीमा पर सख्ती बढ़ने के बाद एक लाख से ज्यादा बांग्लादेशी पश्चिम बंगाल छोड़कर जा चुके हैं. वहीं, SIR प्रक्रिया में दोबारा आवेदन नहीं करने वाले करीब 20 लाख लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी आ सकती है. इन सबके अलावा यह भी दावा किया गया है कि सीएम शुभेंदु  अधिकारी ने NCPI के सभी 20 सांसदों के साथ बंग भवन में दोपहर का भोजन किया.

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राज्य सरकार के सूत्रों का कहना है कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए अधिग्रहित जमीन का करीब 80 फीसदी हिस्सा गृह मंत्रालय को सौंप दिया गया है. इस जमीन के मिलने के बाद भारत-बांग्लादेश सीमा के कई हिस्सों में फेंसिंग का काम आगे बढ़ रहा है

इससे पहले 22 जुलाई राज्य सरकार ने BSF को करीब 1,024.75 एकड़ जमीन सौंपने की जानकारी दी थी. यह जमीन नौ जिलों में सीमा पर फेंसिंग के लिए दी गई है. इनमें मुर्शिदाबाद, उत्तर 24 परगना, कूचबिहार, मालदा, नदिया, दक्षिण दिनाजपुर, दार्जिलिंग, उत्तर दिनाजपुर और जलपाईगुड़ी जिले शामिल हैं. कुल 172.6 किलोमीटर सीमा क्षेत्र में फेंसिंग के लिए जमीन का हस्तांतरण किया गया है.

मुर्शिदाबाद में सबसे ज्यादा जमीन फेंसिंग के लिए दी गई है. यहां करीब 45.4 किलोमीटर सीमा पर फेंसिंग के लिए 337 एकड़ जमीन दी गई है. इसके अलावा, उत्तर 24 परगना में 42.07 किलोमीटर क्षेत्र के लिए 241.03 एकड़ जमीन शामिल है.

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SIR से बाहर लोगों पर योजनाओं का असर

सुत्रों के मुताबिक, SIR प्रक्रिया में जिन लोगों का नाम शामिल नहीं हो पाया और उन्होंने दोबारा आवेदन नहीं किया, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है. ऐसे लोगों की संख्या करीब 20 लाख बताई जा रही है.

SIR के तहत मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया चल रही है. इसमें लोगों से जरूरी दस्तावेज और जानकारी मांगी गई थी. जिन लोगों की जानकारी पूरी नहीं हो पाई, उनके नाम सूची में शामिल नहीं हो सके.

सीमा सुरक्षा को लेकर सियासत तेज

पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा और घुसपैठ का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है. अब फेंसिंग का काम तेज होने के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में है. इस बीच सूत्रों का दावा है कि दिल्ली दौरे पर आए सीएम शुभेंदु ने NCPI के सभी 20 सांसदों के साथ बंग भवन में दोपहर का भोजन किया. इस दौरान कई राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की बात सामने आई है.

कुल मिलाकर बात यह है कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी चल रही है. वहीं दूसरी तरफ SIR प्रक्रिया से जुड़े लोगों की परेशानियां भी सामने आ रही हैं. एक ओर सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने पर जोर है, तो दूसरी ओर सूची से बाहर रह गए लोगों के सामने दस्तावेज और पहचान साबित करने की चुनौती खड़ी हो गई है. आने वाले दिनों में यह मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति में और चर्चा का विषय बन सकता है.

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