ममता बनर्जी ने भवानीपुर की हार को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है. पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज दोपहर अचानक कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंच गईं और भवानीपुर विधानसभा रिजल्ट के नतीजे को चुनौती दी है. ममता बनर्जी के साथ सांसद डेरेक ओ ब्रायन, डोला सेना और कल्याण बनर्जी मौजूद थे. रिपोर्ट के अनुसार ममता याचिका के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने कोर्ट पहुंचीं थीं.
भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर थी. इस सीट से पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जीत हासिल की है. जबकि ममता को हार का मुंह देखना पड़ा था. कांटे की टक्कर में इस सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने इस सीट पर ममता बनर्जी को 15104 वोटों से मात दी थी. इस सीट पर शुभेंदु अधिकारी को 73917 और ममता बनर्जी को 58812 वोट मिले थे. तीसरे स्थान पर रहे सीपीएम के श्रीजीब विश्वास को 3556 वोट मिले थे.
ममता बनर्जी मतगणना के दिन 16-17 राउंड तक आगे ही थीं. लेकिन दोनों उम्मीदवारों के बीच गैप धीरे धीरे कम होता गया. आखिर मतगणना के आखिरी चरणों में शुभेंदु अधिकारी ने तगड़ी लीड ली और आखिरकार 15104 वोट से चुनाव जीत गए.
इस सीट पर मतगणना के दौरान काफी हंगामा भी हुआ था.
4 मई 2026 को भवानीपुर सीट के लिए वोटों की गिनती के दौरान आरोप-प्रत्यारोप और सुरक्षा बलों को लेकर काफी हंगामा देखने को मिला.
दोपहर में भवानीपुर के मतगणना केंद्र सखावत मेमोरियल स्कूल में कुछ समय के लिए मतगणना रोक दी गई. चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार एक व्यक्ति मोबाइल फोन लेकर अंदर प्रवेश कर गया था जिसके कारण प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोका गया और बाद में फिर शुरू किया गया.
जैसे-जैसे मुकाबला कड़ा होता गया ममता बनर्जी स्वयं मतगणना केंद्र पहुंच गईं. शाम के समय तनाव और बढ़ गया. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनके एजेंटों को अंदर जाने से रोका गया, सीसीटीवी बंद कर दिए गए और केंद्रीय बलों द्वारा टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने यहां तक कहा कि उन्हें भी धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा.
अब ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट के नतीजे को ही हाईकोर्ट में चुनौती दी है.
2021 के नतीजे को भी ममता ने किया था चैलेंज
2021 में भी ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी से हारने के बाद भी अपनी हार को चुनौती दी थी. वह मामला अभी भी अदालत में लंबित है. अब तृणमूल नेता ने भवानीपुर में भी अपनी हार को चुनौती दी है.
अनुपम मिश्रा