यूपी में नई आबकारी नीति, ई-लॉटरी द्वारा मिलेगा शराब की दुकानों का लाइसेंस, जानिए कैबिनेट के बड़े फैसले

यूपी में आबकारी नीति वर्ष 2025-26 में बड़ा बदलाव हुआ है. नई नीति में देशी-विदेशी शराब, बीयर, भांग की फुटकर दुकानों का लाइसेंस ई-लॉटरी के जरिए होगा. एक व्यक्ति को पूरे प्रदेश में अधिकतम 2 दुकानें ही ई-लॉटरी प्रक्रिया में आवंटित हो सकेंगी. पुराने लाइसेंस का रिन्यूवल नहीं होगा.

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योगी मंत्रिमंडल की बैठक (फाइल फोटो) योगी मंत्रिमंडल की बैठक (फाइल फोटो)

संतोष शर्मा / आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ ,
  • 06 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 4:05 PM IST

यूपी सरकार ने आबकारी नीति वर्ष 2025-26 में बड़ा बदलाव किया है. नई नीति में देशी-विदेशी शराब, बीयर, भांग की फुटकर दुकानों का लाइसेंस ई-लॉटरी के जरिए होगा. एक व्यक्ति को पूरे प्रदेश में अधिकतम 2 दुकानें ही ई-लॉटरी प्रक्रिया में आवंटित हो सकेंगी. पुराने लाइसेंस का रिन्यूवल नहीं होगा. इस नई नीति में 55 हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष से 4000 करोड़ रुपये अधिक है. 

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आपको बता दें कि इससे पहले वित्त वर्ष 2018-2019 में ई-लॉटरी से ही दुकानें आवंटित हुई थीं. अब वित्तीय वर्ष 2026-27 में लाइसेंस रिन्यूवल का विकल्प दिया जाएगा. जानिए कैबिनेट के बड़े फैसले... 

यूपी कैबिनेट में 'उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण' के गठन को मंजूरी मिल गई है. इस प्राधिकरण के कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 'उत्तर प्रदेश जलमार्ग प्राधिकरण नियमावली 2025' को प्रख्यापित किया गया है. योगी कैबिनेट ने इस नियमावली को अपनी सहमति प्रदान कर दी है. 

कैबिनेट बैठक में 12 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, इनमें से एक को छोड़कर 11 को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. देश में 111 राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किए गए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना सहित कुल 11 राष्ट्रीय जलमार्ग मौजूद हैं. जलमार्गों के जरिए परिवहन को किफायती और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से इस प्राधिकरण की स्थापना होगी. 

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प्राधिकरण के मुख्य पदों पर होगी विशेषज्ञों की नियुक्ति होगी

प्राधिकरण का नेतृत्व मुख्यमंत्री द्वारा नामित परिवहन मंत्री या अंतर्देशीय जलमार्ग, शिपिंग, नेविगेशन, पोर्ट्स और मैरीटाइम मामलों के विशेषज्ञ द्वारा किया जाएगा. उपाध्यक्ष के रूप में ऐसे ही विशेषज्ञ व्यक्तियों में से किसी एक को राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किया जाएगा. इसके अलावा, वित्त, लोक निर्माण, पर्यटन एवं संस्कृति, सिंचाई एवं जल संसाधन और वन एवं पर्यावरण विभाग के अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव इस प्राधिकरण के पदेन सदस्य होंगे. साथ ही भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) के अध्यक्ष द्वारा नामित एक प्रतिनिधि भी सदस्य के रूप में शामिल होगा. यूपी परिवहन आयुक्त इस प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे. 

प्राधिकरण के कार्य और संरचना- 

इस प्राधिकरण के अंतर्गत विभिन्न महत्वपूर्ण प्रावधानों को शामिल किया गया है. इनमें अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की शक्तियां एवं कर्तव्य, आवासीय व्यवस्था, यात्रा भत्ता, बैठकों की प्रक्रिया, कोरम, सलाहकार समितियों का गठन, कार्य संचालन की प्रक्रिया, सदस्यों का कार्यकाल, विशेषज्ञों का पैनल, बजट, लेखा और लेखा परीक्षा से जुड़े नियमों को सम्मिलित किया गया है. इसके अलावा, वार्षिक लेखा रिपोर्ट, आरक्षित निधि, तथा भूमि और संपत्ति में प्रवेश करने से संबंधित प्रावधान भी निर्धारित किए गए हैं. 

उत्तर प्रदेश में इस प्राधिकरण के माध्यम से विभिन्न पर्यटन स्थलों को जलमार्ग से जोड़ने और बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे. पर्यटकों को एक नया अनुभव मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. 

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ई लॉटरी द्वारा होगा शराब की दुकानों का लाइसेंस 

2025-26 की आबकारी नीति को भी कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है. इस नीति के तहत शराब की दुकानों का लाइसेंस अब ई-लॉटरी द्वारा दिया जाएगा और इस बार पुराने लाइसेंस का रिन्यूवल नहीं किया जाएगा. हालांकि, 2026-27 में लाइसेंस रिन्यूवल का विकल्प दिया जाएगा. इसके अलावा, सरकार ने 55 हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य तय किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष से 4000 करोड़ रुपये अधिक है. नई नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि कोई भी व्यक्ति, फर्म या कंपनी दो से अधिक लाइसेंस नहीं ले सकेंगी. इसके अलावा, अब से विदेशी मदिरा 60 और 90 मिलीलीटर के पैक में भी उपलब्ध होगी, जो पहले नहीं थी. 

यूपी 112 को मिलेंगे 469 नए वाहन

यूपी 112 के निर्बाध संचालन के लिए कैबिनेट ने 469 पुराने वाहनों की जगह 469 नए वाहनों का अनुमोदन प्रस्ताव मंजूर कर लिया. इसके लिए 43 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि खर्च की जाएगी. इसमें चार पहिया वाहनों के साथ-साथ दो पहिया वाहनों की भी खरीद की जाएगी. 

हाई स्पेशिफिकेशन वाले टैबलेट का उपयोग करेंगे शिक्षक

डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को हाई स्पेशिफिकेशन वाले टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे. इसके लिए भारत सरकार से अनुमोदित राशि के अतिरिक्त खर्च होने वाली राशि को राज्य सरकार वहन करेगी. 

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लखनऊ केजीएमयू में 500 बेड के ट्रामा सेंटर के विस्तार को मिली मंजूरी

कैबिनेट बैठक में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ में ट्रामा सेंटर के विस्तार का निर्णय लिया गया है. वर्तमान ट्रामा सेंटर का विस्तार करते हुए इसे 460 बेड से बढ़ाकर 500 बेड का किया जाएगा. इसके साथ ही पेशेंट यूटिलिटी कॉम्प्लेक्स का भी निर्माण कराया जाएगा. इस पर 272 करोड़ 97 लाख रुपए की राशि खर्च होगी. इस निर्णय से एक ही छत के नीचे किसी भी दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल मरीजों को सभी सर्जिकल स्पेशियलिटी सुविधाएं सुलभ हो सकेंगी. 

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