कानपुर के बिल्हौर स्थित ककवन रोड कस्बे की रहने वाली और छात्रा सपना यादव सुर्खियों में हैं. उन्होंने 15 अगस्त को रसूलाबाद दौरे से लौट रहे सपा प्रमुख अखिलेश यादव के काफिले को रास्ते में रोककर अपनी नौकरी की बात रखी थी. वह 2018 में बीटीसी की ट्रेनिंग पूरी कर चुकी हैं और अभी तक बेरोजगार हैं.
वर्षों से प्राथमिक शिक्षक भर्ती न आने से हताश सपना ने अखिलेश यादव के चेहरे पर मायूसी देखकर उन्हें अपनी कान की बाली भेंट करने की पेशकश की थी. अखिलेश ने बाली लेने से साफ इनकार करते हुए सरकार आने पर कोशिश करने का आश्वासन दिया.
बेरोजगारी से परेशान बीटीसी अभ्यर्थी सपना
सपना यादव कानपुर देहात के पास बिल्हौर कस्बे की रहने वाली हैं. उनके पिता शिक्षक पद से रिटायर हो चुके हैं, जबकि उनकी एक बहन शिक्षक हैं और भाई तैयारी कर रहा है. सपना ने ग्रेजुएशन के बाद 2018 में बीटीसी पूरा किया था, लेकिन छह साल से प्राथमिक शिक्षक भर्ती की कोई नई वैकेंसी न आने से वह काफी परेशान और हताश चल रही हैं.
रास्ते में रोका अखिलेश यादव का काफिला
15 अगस्त को जब अखिलेश यादव रसूलाबाद से लौट रहे थे, तो ककवन रोड पर सपना ने उनका काफिला रुकवाया. सपना ने अखिलेश से संसद और विधानसभा में बीटीसी अभ्यर्थियों की नौकरी का मुद्दा उठाने की अपील की. जब सपा प्रमुख ने कहा कि सरकार बनने पर ही कुछ संभव हो पाएगा, तो सपना को लगा कि शायद अखिलेश आर्थिक या राजनीतिक रूप से बेबस हैं.
'मेरे पास अपनी बस यही बालियां थीं'
अखिलेश यादव की बातें सुनकर सपना ने तुरंत अपने कान की बाली निकालकर उन्हें देने की कोशिश की. सपना का मानना था कि बाली बेचकर जो आर्थिक सहयोग मिलेगा, वह चुनाव लड़ने और सरकार बनाने में काम आ सकता है. हालांकि, अखिलेश यादव ने उनकी बाली स्वीकार करने से मना कर दिया और अगली बार सरकार बनाने का भरोसा दिलाया.
कानून व्यवस्था पर राय और राजनीति से दूरी
सपना यादव किसी राजनीतिक दल से जुड़ी नहीं हैं. प्रदेश की मौजूदा कानून व्यवस्था पर बात करते हुए सपना का कहना है कि सरकार की कानून व्यवस्था ठीक है, लेकिन युवाओं के लिए रोजगार भी बेहद जरूरी है. उनका मानना है कि सरकार न होने से युवाओं को नौकरी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है.
रंजय सिंह