बादल बाबू दिल्ली की एक फैक्ट्री में सिलाई का काम करने वाला युवक है. वह सितंबर 2024 में 19 साल की उम्र में लाहौर स्थित बहाउद्दीन मंडी की रहने वाली सना रानी के प्यार में बिना वैध दस्तावेजों के सरहद पार कर पाकिस्तान पहुंच गया. वहां की कोर्ट ने अवैध रूप से प्रवेश करने पर उसे एक साल की सजा सुनाई. लाहौर की कोट लखपत जेल में एक साल की सजा काटने के बाद अब उसे डिटेंशन सेंटर में रखा गया है. वर्तमान में 21 वर्ष का हो चुका बादल बाबू गंभीर किडनी की बीमारी से ग्रसित है और भारत सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है. आइये जानते हैं बादल बाबू की कहानी...
दिल्ली की फैक्ट्री से पाकिस्तान तक का सफर
बादल बाबू के माता-पिता को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि दिल्ली में काम करने वाला उनका बेटा अचानक पाकिस्तान चला जाएगा. जब से परिवार को बेटे के पाकिस्तान में होने की जानकारी मिली है, वे अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगा रहे हैं. बादल की अपने परिजनों से दो बार बात भी हो चुकी है.
लंदन से मिली मदद और दूतावास की प्रक्रिया
लंदन में रहने वाली पूनम नाम की एक महिला ने लाहौर की जेल में बंद बादल बाबू की कानूनी मदद के लिए वहां के वकील से संपर्क कर अपने स्तर पर आर्थिक मदद दी. उनका कहना है कि विदेश मंत्रालय द्वारा पाकिस्तान स्थित भारतीय एम्बेसी को एक पत्र भेजे जाने के बाद ही बादल बाबू की डिटेंशन सेंटर से भारत वापसी हो सकेगी.
बीमार बेटे की वापसी के लिए गिड़गिड़ा रहा परिवार
पिता कृपाल के अनुसार परिवार में पत्नी, तीन बेटे और एक शादीशुदा बेटी है. दो बेटों की शादी हो चुकी है और केवल बादल बाबू ही बाकी है. माता-पिता का कहना है कि उनका बेटा किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहा है. उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए उनकी वतन वापसी जल्द कराई जाए.
अलीगढ़ का रहने वाला है बादल
बादल बाबू मूल रूप से यूपी के अलीगढ़ का रहने वाला है. परिजनों के अनुसार, बादल दिल्ली में सिलाई का काम करता था और इसी दौरान फेसबुक के जरिए उसकी दोस्ती पाकिस्तान की रहने वाली सना रानी से हुई. बातचीत धीरे-धीरे लव अफेयर संबंध में बदल गई. जिसके बाद बादल बिना वीजा और पासपोर्ट के पाकिस्तान चला गया और फंस गया.
बादल के पिता कृपाल ने बताया कि परिवार में पत्नी के अलावा 3 बेटे व एक बेटी है. एक बेटी की शादी हो चुकी है. दो बेटों की शादी हो चुकी है. अब बादल ही शादी के लिए बचा है.
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