अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. इस मामले को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने अब अपने बयान में नरम रुख अपनाया है. पहले उन्होंने ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों पर चोरी में मिलीभगत के आरोप लगाए थे, लेकिन अब उन्होंने कहा है कि मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी.
विनय कटियार ने आज तक से बातचीत में कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि चोरी हुई है या नहीं. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच की जरूरत है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. उन्होंने यह भी कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा.
वियन कटियार के बादले सुर
कटियार ने कहा कि वे इस विषय पर संबंधित लोगों से भी बातचीत करेंगे और उसके बाद ही कोई टिप्पणी करेंगे. उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि चंपत राय पुराने कार्यकर्ता और प्रचारक रहे हैं और उनसे मुलाकात के बाद ही पूरी स्थिति पर बात की जा सकेगी.
उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि कुछ नीचे स्तर के कार्यकर्ता इस तरह की गड़बड़ी कर सकते हैं. उन्होंने इसे टीनू मीनू जैसे कार्यकर्ताओं की तरफ इशारा करते हुए कहा कि गड़बड़ी नीचे स्तर पर हो सकती है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि उस समय ऊपर के लोग क्या कर रहे थे.
SIT जांच पर दिया जोर
विनय कटियार ने साफ कहा कि इस पूरे मामले में अंतिम सच एसआईटी जांच के बाद ही सामने आएगा. उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी होने दी जाए और उसके बाद ही सभी तथ्य स्पष्ट हो पाएंगे. इस बयान के बाद राम मंदिर चढ़ावा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है. पहले जहां आरोपों और बयानबाजी का दौर तेज था, वहीं अब नेता के रुख बदलने से मामला और भी संवेदनशील हो गया है. फिलहाल पूरे मामले की जांच एसआईटी के स्तर पर चल रही है और सभी पक्षों की नजर जांच के नतीजों पर टिकी हुई है.
संतोष शर्मा