38 मिनट खड़ी रही वैशाली एक्सप्रेस ट्रेन, गार्ड ने नहीं दिखाई हरी झंडी, वजह थी- सिर्फ एक कुर्सी!

गोरखपुर में गार्ड यान में बैठने के लिए कुर्सी न मिलने पर गार्ड रामाशीष दास ने वैशाली एक्सप्रेस को आगे ले जाने से मना कर दिया. अधिकारियों के समझाने और देवरिया में बैठने का इंतज़ाम (छोटा टेबल) करने के आश्वासन के बाद ट्रेन 38 मिनट की देरी से रवाना हो सकी.

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ट्रेन लेट होने से गोरखपुर से लखनऊ तक हड़कंप (फाइल फोटो-ITG) ट्रेन लेट होने से गोरखपुर से लखनऊ तक हड़कंप (फाइल फोटो-ITG)

गजेंद्र त्रिपाठी

  • गोरखपुर ,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 12:04 PM IST

यूपी के गोरखपुर में हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां पहुंची नई दिल्ली से ललितग्राम जाने वाली वैशाली एक्सप्रेस ट्रेन के साथ अजब-गजब घटना हो गई. दरअसल, गार्ड यान में बैठने की कुर्सी न मिलने से नाराज गार्ड रामाशीष दास ने गाड़ी आगे ले जाने से मना कर दिया. अधिकारियों के समझाने और देवरिया में व्यवस्था के आश्वासन पर ट्रेन 38 मिनट देरी से रवाना हो सकी.

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कुर्सी न मिलने पर अड़े गार्ड

बता दें कि 18 अगस्त को नई दिल्ली-ललितग्राम वैशाली एक्सप्रेस (15566) गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर सुबह 9:47 बजे पहुंची थी. इस ट्रेन के गार्ड यान में टूटी कुर्सी होने के कारण चार्ज लेने पहुंचे गार्ड रामाशीष दास ने ट्रेन आगे बढ़ाने से मना कर दिया, जिससे ट्रेन लगभग 38 मिनट देरी से रवाना हुई.

टूल बॉक्स भी नहीं था पास

लखनऊ से गोरखपुर तक आए गार्ड ने अपने टूल बॉक्स पर बैठकर यात्रा की थी. वहीं गोरखपुर से बरौनी के लिए चार्ज लेने वाले गार्ड को ट्राली बैग मिला था, इसलिए उनके पास बॉक्स पर बैठने का विकल्प नहीं था. स्टेशन प्रबंधन से रिस्पांस न मिलने पर उन्होंने खड़े होकर सफर करने से इनकार कर दिया.

मेमो भेजकर ट्रेन की रवाना

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रेल अधिकारियों के समझाने और आगे व्यवस्था कराने के आश्वासन पर गार्ड ने स्टेशन अधीक्षक को मेमो भेजा. गार्ड ने मेमो में लिखा कि वे बिना कुर्सी के ट्रेन लेकर नहीं जाएंगे और कुर्सी न मिलने से ट्रेन लेट हुई है. बाद में देवरिया रेलवे स्टेशन प्रबंधन ने उन्हें एक छोटा टेबल उपलब्ध कराया.

सीपीआरओ ने दी सफाई

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि वैशाली एक्सप्रेस ईसीआर (ECR) की ट्रेन है और गोरखपुर से सिर्फ पासिंग है. गार्ड यान में इनबिल्ट चेयर होती है, अलग से स्टूल देने का प्रावधान नहीं है. दिल्ली से किसी ने आपत्ति नहीं की थी. अब लखनऊ मंडल ने सोनपुर मंडल को आधिकारिक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है.

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