एंटी-रोमियो स्क्वाड से पिंक बूथ तक, यूपी में कैसे काम करता है मिशन शक्ति?
अक्टूबर 2020 में नवरात्रि जागरूकता अभियान के तौर पर शुरू हुआ मिशन शक्ति आज पिंक बूथ, एंटी-रोमियो स्क्वाड, मिशन शक्ति केंद्र और महिला बीट पुलिस तक फैल चुका है.
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उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का एकजुट अभियान (Photo-ITG)
अक्टूबर 2020 में जब उत्तर प्रदेश सरकार ने मिशन शक्ति की घोषणा की, तब यह नवरात्रि से जुड़ा एक जागरूकता अभियान था. आज यह राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का सबसे बड़ा अभियान बन चुका है. इसकी मौजूदगी थानों, बाजारों, मंदिरों और गांवों तक दिखती है.
मिशन शक्ति क्या है?
इसकी शुरुआत 17 अक्टूबर 2020 को, शारदीय नवरात्रि के पहले दिन हुई थी
शुरुआत में बेसिक, सेकेंडरी और हायर एजुकेशन, MSME समेत 23 विभाग इससे जुड़े थे
इसे पहले छह महीने, यानी चैत्र नवरात्रि (अप्रैल) तक चलाने की योजना थी
एंटी-रोमियो स्क्वाड: अगस्त 2025 में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाजारों, शैक्षणिक संस्थानों और संवेदनशील सार्वजनिक जगहों पर ये दस्ते लगातार मौजूद रहें.
पिंक बूथ: मिशन शक्ति 5.0 से पहले निर्देश दिया गया कि सिर्फ लखनऊ में चल रहे पिंक बूथ को प्रदेश के सभी 17 नगर निगम शहरों में शुरू किया जाए. एक ही छत के नीचे शिकायत दर्ज करने, काउंसलिंग और कानूनी सलाह की सुविधा देना इसका मकसद है.
महिला बीट पुलिस: राज्य की महिला पुलिस फोर्स में 44,000 से ज्यादा कर्मी हैं. महिला बीट अधिकारियों को सभी ग्राम पंचायतों (करीब 57,000) और शहरी वार्डों (करीब 14,000) में तैनात करने के निर्देश दिए गए.
मिशन शक्ति केंद्र: राज्य सरकार के मुताबिक 1,663 थानों में ये केंद्र बनाए जा चुके हैं.
हेल्पलाइन 1090: वीमेन पावर लाइन पर आने वाली हर कॉल को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश हैं.
मिशन शक्ति 5.0: 30 दिन की झलक
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पांचवां चरण 22 सितंबर 2025 को शारदीय नवरात्रि के पहले दिन शुरू हुआ. राज्य सरकार के मुताबिक
2,500 से ज्यादा FIR दर्ज हुईं.
असामाजिक व्यवहार के आरोप में 3,972 लोग गिरफ्तार किए गए.
करीब 3.13 लाख लोगों को चेतावनी देकर सार्वजनिक आचरण पर समझाइश दी गई.
पुलिस ने 55,377 नवरात्रि पंडालों और 4,947 रामलीला व मेला स्थलों का निरीक्षण किया.
39,911 स्थानों पर महिला चौपाल लगीं, जिनमें 20.5 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए.
इस नवरात्रि में
शारदीय नवरात्रि 2026 के लिए सरकार ने चुने हुए 26 मंदिरों और पवित्र स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम तय किए हैं. इनमें देवी भजन और दुर्गा सप्तशती पाठ के जरिए मिशन शक्ति का संदेश पहुंचाया जाएगा.
यह क्यों अहम है?
इस अभियान का घोषित मकसद सिर्फ कार्रवाई तक सीमित नहीं है. यह पुलिसिंग को जागरूकता, कानूनी मदद और महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा व आजीविका से जोड़ता है.
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