'आखिर जाएं तो जाएं कहां...' मंत्री और अधिकारियों तक जनता की समस्याएं आने के बाद भी नहीं सुनी जाती हैं. ऐसे में हम या जनता अपनी शिकायत लेकर आखिर कहां जाएं. यह बातें बिजली समस्या को लेकर बिठूर से भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने एक अधिकारी से कही. उनकी बातचीत का यह वीडियो चर्चा में है. मंधना इलाके में लगातार बिजली कटौती की शिकायतों को लेकर विधायक ने बिजली विभाग के अधिकारी से फोन पर कई तीखे सवाल भी किए. बातचीत के दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर व्यवस्था नहीं सुधरी तो उन्हें खुद विभागीय कार्यालय पहुंचकर जवाब लेना पड़ेगा.
मंधना और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती को लेकर लोगों की शिकायतें लगातार सामने आने की बात कही जा रही है. इसी को लेकर विधायक सांगा ने अधिकारी से पूछा कि जब ग्रामीण क्षेत्र के लिए बिजली आपूर्ति का निर्धारित शेड्यूल है, तो जमीन पर लोगों को उसके मुताबिक बिजली क्यों नहीं मिल रही. उन्होंने अधिकारी से यहां तक कहा कि 'आप लोग कानपुर में बैठ नहीं पाएंगे, अब हमें उल्टा चलना पड़ेगा.'
मंधना में बिजली कटौती से परेशान लोग
मंधना क्षेत्र में बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की शिकायतों को लेकर विधायक ने विभागीय अधिकारी से जवाब मांगा. उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के लिए निर्धारित समय तय है, लेकिन क्षेत्र के लोगों को कई-कई घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है. विधायक ने सवाल उठाया कि जब विभाग के स्तर पर बिजली आपूर्ति का शेड्यूल तय है तो उसके मुताबिक सप्लाई क्यों नहीं दी जा रही. खासकर रात के समय बिजली गायब रहने की शिकायतों का भी उन्होंने जिक्र किया. इससे पहले भी मंधना क्षेत्र में बिजली की समस्या को लेकर अधिकारियों से शिकायतें और जनप्रतिनिधियों की ओर से मुद्दा उठाए जाने की रिपोर्ट सामने आती रही हैं.
'जब समस्या दूर नहीं होगी तो जनता कहां जाएगी?'
अधिकारी से बातचीत के दौरान विधायक सांगा ने सिर्फ बिजली कटौती का मुद्दा नहीं उठाया, बल्कि शिकायतों के समाधान की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि जनता अपनी समस्या लेकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के पास आती है. अगर अधिकारियों और मंत्री स्तर तक शिकायत पहुंचने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होगा तो आम आदमी आखिर कहां जाएगा? विधायक ने अधिकारी से मंधना की बिजली व्यवस्था को तत्काल देखने और वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने को कहा. उनका कहना था कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें रोजाना लोगों की शिकायतों का सामना करना पड़ता है और बिजली जैसी बुनियादी जरूरत से जुड़ी समस्या को लंबे समय तक टाला नहीं जा सकता.
अधिकारी को जल्द सुधार के निर्देश
फोन पर हुई बातचीत में विधायक ने अधिकारी से क्षेत्र की आपूर्ति व्यवस्था की जांच कराने को कहा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वह स्वयं बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचेंगे. बातचीत में विधायक ने बिजली व्यवस्था को लेकर अधिकारी से जल्द कार्रवाई की अपेक्षा जताई. उनका कहना था कि अगर विभागीय रिकॉर्ड में तय आपूर्ति का शेड्यूल है तो फिर लोगों को उसके अनुरूप बिजली क्यों नहीं मिल रही, इसका जवाब विभाग को देना होगा. विधायक की नाराजगी का मुख्य कारण यही बताया जा रहा है कि मंधना क्षेत्र से लगातार बिजली कटौती की शिकायतें उनके पास पहुंच रही थीं. उन्होंने अधिकारी को व्यवस्था सुधारने और समस्या की जमीनी स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए.
ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे की आपूर्ति का मुद्दा
विधायक ने बातचीत के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित 18 घंटे की बिजली आपूर्ति का भी जिक्र किया. उत्तर प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 18 घंटे का निर्धारित शेड्यूल लंबे समय से चर्चा में रहा है. हालिया सरकारी आंकड़ों के अनुसार भी ग्रामीण क्षेत्रों की औसत आपूर्ति कई महीनों में निर्धारित 18 घंटे से ऊपर रही है, हालांकि स्थानीय स्तर पर फीडर और क्षेत्रवार स्थिति अलग हो सकती है.
सिमर चावला