कोई पशु ठंड से न मरे, यूपी में सभी गौशालाओं का एक हफ्ते में निरीक्षण करने का आदेश

उत्तर प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि एक सप्ताह के भीतर सभी गौशालाओं का निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए. सर्दी से बचाव के लिए गौशालाओं में तिरपाल, अलाव और भूसे की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया है. मंत्री ने पशु चिकित्सकों को नियमित दौरा कर इलाज और दवाओं का प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए.

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aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 24 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 11:01 PM IST

उत्तर प्रदेश के पशुपालन विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य की सभी गौशालाओं का निरीक्षण एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए. उन्होंने कहा कि सर्दी बढ़ने के कारण गौवंश की सुरक्षा और देखभाल को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है.

तिरपाल, अलाव और भूसे की व्यवस्था जरूरी
मंत्री ने बताया कि किसी भी हालत में ठंड से किसी पशु की मौत नहीं होनी चाहिए. इसके लिए गौशालाओं में तिरपाल, अलाव, भूसा और अन्य जरूरी सामान की पर्याप्त व्यवस्था कराई जाए. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि हर गौशाला में ठंड से बचाव को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए.

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पशुचिकित्सा अधिकारियों को नियमित दौरे का आदेश
धर्मपाल सिंह ने कहा कि सभी पशुचिकित्सा अधिकारी गौशालाओं का नियमित दौरा करें और बीमार पशुओं का तुरंत इलाज उपलब्ध कराएं. दवाओं की उपलब्धता से लेकर इलाज के पूरे इंतजाम ठीक तरह से होने चाहिए. जिला नोडल अधिकारी भी समय-समय पर गौशालाओं की स्थिति की समीक्षा करेंगे.

CVO को दी गई विशेष जिम्मेदारी
बैठक के दौरान मंत्री ने बताया कि मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी (CVO), डिप्टी CVO, पशुचिकित्सक और डिवीजन स्तर पर तैनात अतिरिक्त निदेशक हर सप्ताह कम से कम एक गौशाला का निरीक्षण करें. इसके साथ ही, CVO को जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से समन्वय करके गौशालाओं का गहन निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

राज्यभर में व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी
विदान भवन में हुई समीक्षा बैठक में मंत्री ने बताया कि प्रदेश की सभी बेसहारा गौशालाओं में चारा, पानी, रोशनी और देखभाल की उचित व्यवस्था होनी चाहिए. सरकार का लक्ष्य है कि सर्दियों में किसी भी गौशाला में पशुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

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