उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को संबोधित करकते हुए समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि अयोध्या राम जन्मभूमि का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसके बावजूद समाजवादी पार्टी ने सदन में इस मुद्दे पर हंगामा करके कोर्ट की अवमानना की है.
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि SIT की शुरुआती जांच में किसी साधु संत का नाम सामने नहीं आया है, फिर भी सपा लगातार साधु संतों को बदनाम करने में लगी है.
सदन में हुई पूरी घटना की शुरुआत उस समय हुई जब समाजवादी पार्टी ने कार्य मंत्रणा समिति और अपनी दलीय बैठक में यह भरोसा दिलाया था कि वो जिन मुद्दों पर बहस करना चाहते हैं, उसके लिए नियम के तहत नोटिस देंगे.
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मुख्यमंत्री योगी ने भी उस समय कहा था कि जो भी विषय स्वीकार किए जाएंगे, उन पर सरकार तर्क के साथ जवाब देगी.
लेकिन इसके उलट सपा ने अयोध्या मामले को लेकर सदन में हंगामा किया, जबकि यह मामला अदालत में विचाराधीन है. योगी ने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि यह सिर्फ सदन की अवमानना नहीं बल्कि कोर्ट की निगरानी में चल रही प्रक्रिया का अपमान भी है.
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकार चर्चा से पीछे नहीं हटती, लेकिन नियम के दायरे में बात रखनी चाहिए. प्लेकार्ड लहराना और हंगामा करना गलत तरीका है. उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करना सपा की पुरानी आदत रही है और इस पार्टी का लोकतांत्रिक मूल्यों में कभी भरोसा नहीं रहा.
मुख्यमंत्री योगी ने यह भी साफ किया कि अयोध्या में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनका बीजेपी या साधु संतों से कोई सीधा संबंध नहीं है. उनके मुताबिक बेवजह आरोप लगाना सच्चाई को दबाने की एक कोशिश है, और यही वजह है कि सपा असल चर्चा से बचना चाहती है.
कुमार अभिषेक