लखनऊ में पुलिस या सेना के अफसर को निशाना बनाकर टारगेट किलिंग की साजिश को उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने नाकाम कर दिया है. ATS ने प्रतिबंधित पाकिस्तान आतंकी संगठन शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) से जुड़े तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस निगरानी में लिया गया है. पकड़े गए संदिग्धों की पहचान पंजाब के रहने वाले 26 वर्षीय गगनदीप सिंह, 19 वर्षीय रजत कुमार और 21 वर्षीय कृष के रूप में हुई है.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी पाकिस्तान में बैठे SBN नेटवर्क के हैंडलर राणा भाई के संपर्क में थे. आरोपियों को लखनऊ में किसी पुलिस या सेना के बड़े अफसर को निशाना बनाकर टारगेट किलिंग करने के लिए कहा गया था. इस काम को पूरा करने के बदले उन्हें 3 लाख रुपये मिलने थे. आरोपियों को हमले का वीडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर को भेजने की जिम्मेदारी भी दी गई थी.
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई. आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के जरिए पाकिस्तान में बैठे राणा भाई से संपर्क किया था.
लखनऊ पहुंचकर रेलवे स्टेशन की रेकी की
जांच में सामने आया कि आरोपी 29 अक्टूबर की रात लखनऊ पहुंचे थे. उन्होंने लखनऊ रेलवे स्टेशन का वीडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे राणा भाई को भेजा था. आरोपियों के मोबाइल फोन से संदिग्ध चैट, वीडियो और संवेदनशील संस्थानों की रेकी से जुड़ी सामग्री बरामद हुई है. इसमें संवेदनशील स्थानों की जानकारी और उनकी लोकेशन पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के साथ साझा करने की बात भी सामने आई है.
आरोपियों को अमृतसर से लखनऊ पहुंचने के खर्च के लिए पाकिस्तान में बैठे राणा भाई ने 5 हजार रुपये भेजे थे. योजना के मुताबिक, हमला या टारगेट किलिंग करने के बाद आरोपियों को नेपाल भाग जाना था.
लखनऊ में ही पहुंचाए गए थे हथियार
ATS के मुताबिक, आरोपियों के पास से एक विदेशी पिस्टल और 20 विदेशी कारतूस बरामद किए गए हैं. पूछताछ में सामने आया कि हथियार और कारतूस लखनऊ में नेटवर्क से जुड़े एक अन्य व्यक्ति ने आरोपियों तक पहुंचाए थे. आरोपियों ने यह भी बताया कि हथियार पाकिस्तान से भेजे गए थे.
अमिताभ यश ने बताया कि आरोपियों में शामिल गगनदीप सिंह के खिलाफ पंजाब में पहले भी आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज हो चुका है. ATS अब इस साजिश से जुड़े अन्य लोगों, स्थानीय सहयोगियों, हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क और पैसों के लेनदेन की जानकारी जुटा रही है. इसके लिए आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड लेकर पूछताछ की जाएगी. ATS के मुताबिक, संदिग्धों को पुलिस या सेना के बड़े अफसर को निशाना बनाना था या पुलिस और सेना के किसी बड़े संस्थान पर आतंकी हमला करना था. हमले के बाद उसका वीडियो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर को भेजना भी साजिश का हिस्सा था.
संतोष शर्मा