यूपी विधानसभा, सचिवालय और अध्यक्ष के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी पर होगी कार्रवाई, आदेश जारी

उत्तर प्रदेश विधानसभा, विधानसभा सचिवालय और अध्यक्ष के बारे में सोशल मीडिया पर अनर्गल, गलत एवं निराधार टिप्पणी करने वालों पर अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी. विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किया है.

Advertisement
उत्तर प्रदेश विधानसभा. (File photo: ITG) उत्तर प्रदेश विधानसभा. (File photo: ITG)

संतोष शर्मा

  • लखनऊ,
  • 22 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:07 PM IST

उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने सोशल मीडिया पर विधानसभा, सचिवालय और अध्यक्ष के खिलाफ निराधार और गलत टिप्पणियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का आदेश जारी किया है. प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे ने स्पष्ट किया है कि बिना प्रमाण के फैलाई गई कोई भी सामग्री कानून के खिलाफ मानी जाएगी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संचालकों और संबंधित व्यक्तियों को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि आपत्तिजनक पोस्ट पर भारतीय न्याय संहिता के तहत FIR दर्ज की जा सकती है.

Advertisement

विधानसभा सचिवालय में प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे द्वारा सूचना निदेशक, सूचना निदेशालय, लखनऊ को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विधानसभा और सचिवालय को लेकर निराधार सामग्री पोस्ट की जा रही है. विधानसभा एक संवैधानिक संस्था है, ऐसे में विधानसभा, उसके अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संवैधानिक प्राधिकारियों के संदर्भ में आपत्तिजनक व अवांछनीय टिप्पणी करना पूरी तरह से अनुचित और कानून के खिलाफ है. 

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना फैक्ट के प्रमाणीकरण के पोस्ट किया गया कोई भी कंटेंट या टिप्पणी पूरी तरह अनधिकृत और कानून के खिलाफ मानी जाएगी.

जारी निर्देश के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संचालकों और संबंधित व्यक्तियों को स्पष्ट किया गया है कि आपत्तिजनक पोस्ट पर सुसंगत नियमों और विधिक प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई होगी. मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत FIR दर्ज कराई जा सकती है. इस आदेश की प्रतिलिपि आवश्यक कार्यवाही के लिए अपर मुख्य सचिव (सूचना एवं गृह विभाग) संजय प्रसाद और उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को भी भेजी गई है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »