उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के 12 जिलों में प्रमुख ऐतिहासिक हस्तियों, महापुरुषों और वीरों की प्रतिमाएं स्थापित करने की तैयारी कर रही है. इनमें महाराणा प्रताप, गुरु गोरखनाथ, सरदार वल्लभभाई पटेल और पृथ्वीराज चौहान जैसे नाम शामिल हैं. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मंगलवार को इस योजना की जानकारी दी.
सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, संस्कृति विभाग प्रतिमाएं स्थापित करने के लिए चबूतरों का निर्माण करा रहा है. योजना का उद्देश्य नई पीढ़ी को इन ऐतिहासिक हस्तियों के योगदान से परिचित कराना और उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित करना है.
मंत्री ने बताया कि प्रतिमाएं लखनऊ, आगरा, गोरखपुर, शाहजहांपुर, प्रतापगढ़, गाजीपुर, गोंडा, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, बाराबंकी, महाराजगंज और वाराणसी में स्थापित की जाएंगी.
किस जिले में किसकी प्रतिमा लगेगी?
योजना के तहत लखनऊ में पृथ्वीराज चौहान की 12.5 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा लगाई जाएगी. यह प्रतिमा घोड़े पर सवार मुद्रा में होगी. आगरा में भी महाराजा सूरजमल की इसी तरह की प्रतिमा स्थापित की जाएगी.
गोरखपुर में हवाई अड्डे के पास गुरु गोरखनाथ की 12.5 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा लगाई जाएगी. यह प्रतिमा खड़ी मुद्रा में होगी. वहीं, शाहजहांपुर में बरेली मोड़ पर महाराणा प्रताप की घोड़े पर सवार प्रतिमा स्थापित की जाएगी.
प्रतापगढ़ और गाजीपुर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 12.5 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं लगाई जाएंगी. दोनों प्रतिमाएं खड़ी मुद्रा में होंगी.
गोंडा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की छह फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी. फिरोजाबाद के मछान गांव में शहीद कैप्टन देवेश कुमार कुलश्रेष्ठ की तीन फुट ऊंची कांस्य वक्ष-प्रतिमा लगाई जाएगी.
मुरादाबाद, वाराणसी और बाराबंकी में भी प्रतिमाएं
मुरादाबाद और वाराणसी में महाराणा प्रताप की घोड़े पर सवार प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी. मंत्री के मुताबिक, रामपुर के लिए पहले प्रस्तावित एक प्रतिमा को अब बाराबंकी स्थानांतरित कर दिया गया है.
महाराजगंज के जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल पीजी कॉलेज में शिब्बन लाल सक्सेना की छह फुट ऊंची सफेद संगमरमर की प्रतिमा लगाई जाएगी.
जल्द स्थापना की तैयारी
जयवीर सिंह ने बताया कि संस्कृति विभाग प्रतिमाओं के लिए चबूतरों का निर्माण पूरा कराने में जुटा है. इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिलाधिकारियों के साथ समन्वय किया जा रहा है, ताकि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद प्रतिमाएं जल्द स्थापित की जा सकें. हालांकि, बयान में प्रतिमाओं की स्थापना की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है.
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