'अविमुक्तेश्वरानंद की रात में रेकी करते दिखे संदिग्ध...,' माघ मेले में शिष्यों ने बढ़ाई सुरक्षा, लगाए CCTV

माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच जारी विवाद के बाद भक्तों ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है. भक्तों का दावा है कि कई संदिग्ध रात के अंधेरे में देखे गए हैं.

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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद. (File Photo: ITG) शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद. (File Photo: ITG)

संतोष बंसल

  • प्रयागराज,
  • 24 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:37 PM IST

प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य की सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए शिष्यों ने कई सीसीटीवी कैमरे लगा दिए हैं. शिष्यों ने दावा किया है कि कई संदिग्ध लोग रात के अंधेरे में देखे गये हैं, जो कि रेकी करते हुए नजर आए हैं. इसलिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से 10 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.

शिष्यों ने प्रशासन पर लगाया ये आरोप

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शिष्यों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से रात के अंधेरे में आकर नोटिस चस्पा कर दिया जाता है. जिसके चलते कैमरे से सभी आने-जाने वालों पर निगरानी रखी जा रही है. सादी वर्दी में कई एलआईयू कर्मी (प्रदेश की खुफिया एजेंसी) व केंद्र की एजेंसियां निगरानी कर रही हैं. ऐसे में कौन आ व जा रहा है. इस पर निगरानी रखना जरूरी हो गया है. क्योंकि प्रशासन कब क्या कर दे? क्या रखवाकर फंसाने का काम कर दे, कुछ कहा नहीं जा सकता है. इसी दृष्टिकोण से कैमरे लगाए गए हैं.

अविमुक्तेश्वरानंद. (Photo: ITG)

यह भी पढ़ें: 'केशव प्रसाद समझदार, उन्हें CM होना चाहिए...', माघ मेला प्रशासन से विवाद के बीच बोले अविमुक्तेश्वरानंद

आपको बता दें कि प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या पर संगम में स्नान के लिए जाने के दौरान अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से पुलिस की बहस हो गई थी. आरोप है कि इस दौरान अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की पिटाई की गई. जिसके बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने पालकी अपने शिविर की तरफ मोड़ दी. इस दौरान उन्होंने स्नान से भी इनकार कर दिया था.

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अविमुक्तेश्वरानंद ने बसंत पंचमी पर भी नहीं किया स्नान

इस घटना के बाद से ही अविमुक्तेश्वरानंद विरोध में बैठे हैं और अपने शिविर के अंदर भी नहीं गए हैं. उनकी मांग है कि प्रशासन आकर उनसे माफी मांगे और संगम स्नान करवाए. वहीं इसी के चलते उन्होंने 23 जनवरी को बसंत पंचमी पर भी स्नान नहीं किया. मौनी अमावस्या के बाद से ही मेला प्रशासन लगातार उन्हें नोटिस भेज रहा है. एक नोटिस में मेला प्रशासन ने उनके शंकराचार्य होने को लेकर भी सवाल किया.

हालांकि, मेला प्रशासन की नोटिस का जवाब शंकराचार्य की तरफ से दे दिया गया है. लेकिन अभी तक विवाद खत्म नहीं हुआ है. इसी बीच केशव प्रसाद मौर्य का भी बयान वायरल हो रहा है. जिसमें उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जी को जिद नहीं करना चाहिए और जाकर स्नान करना चाहिए. 
 

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