यूपी के सिद्धार्थनगर जिले से बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां इटवा थाना क्षेत्र में रहने वाले हरिशचंद्र अग्रहरि की हत्या का खुलासा हो गया है. सुपारी किलर्स से हत्या कराने वाली उसकी पत्नी व प्रेमी ही निकले. पुलिस ने चार अभियुक्तों- इरशाद, अब्दुल्ला, नियाज अहमद एवं माया देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
जिले के थाना ढेबरुआ क्षेत्र के अंतर्गत बुढ़ी राप्ती नदी के पास हुए ई-रिक्शा चालक हरिश्चंद्र हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. अवैध संबंधों के चलते रची गई इस साजिश में मृतक की पत्नी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
दरअसल, मृतक हरिश्चंद्र शराबी था और नशे में अपनी पत्नी माया देवी के साथ मारपीट करता था. इससे परेशान होकर माया देवी ने अपने प्रेमी नियाज अहमद के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई.
आरोपी नियाज ने अपने दो साथियों- इरशाद और अब्दुल्ला- को 1,10,000 रुपये में हत्या की सुपारी दी थी, जिसमें से 60 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे.
आरोपियों ने फोन कर ई-रिक्शा बुक किया और सुनसान रास्ते पर ले जाकर चाकू से उसकी हत्या कर दी. साक्ष्य छुपाने के लिए शव को नदी में फेंक दिया गया और ई-रिक्शा को दुर्घटना का रूप देने के लिए सड़क किनारे लटका दिया गया.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद एसओजी और ढेबरुआ पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 8 सितंबर 2026 को चारों आरोपियों- माया देवी, नियाज अहमद, इरशाद और अब्दुल्ला- को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू और मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं. सभी आरोपियों के खिलाफ BNS धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है. इस सफल खुलासे पर एसपी सिद्धार्थनगर अभिषेक महाजन ने पुलिस टीम को 20,000 रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है.
अनिल तिवारी