क्यों 'कसाई' बना अक्षत? जब सरेंडर की थी तैयारी, फिर कहां से आया लाश को ड्रम में ठिकाने लगाने का आइडिया

लखनऊ के मानवेंद्र हत्याकांड में आरोपी अक्षत के जेल जाने के बाद कई अनसुलझे सवाल बाकी हैं. पुलिस जांच कर रही है कि क्या अक्षत ने अकेले हत्या की या कोई और भी शामिल था. खुलासा हुआ है कि अक्षत पहले सरेंडर करना चाहता था, लेकिन एक 'करीबी' के फोन के बाद उसने इरादा बदलकर शव के टुकड़े कर दिए. अब कॉल डिटेल्स से उस मास्टरमाइंड की तलाश जारी है.

Advertisement
कातिल बेटे ने लाश को चार टुकड़ों में काट दिया था (फोटो-ITG) कातिल बेटे ने लाश को चार टुकड़ों में काट दिया था (फोटो-ITG)

aajtak.in

  • लखनऊ ,
  • 27 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:13 PM IST

लखनऊ के मानवेंद्र सिंह हत्याकांड में आरोपी बेटा अक्षत जेल भेजा जा चुका है. लेकिन इस केस की कई परतों का खुलना अभी बाकी है. कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब अभी तक नहीं मिला है. सबके दिमाग में एक सवाल जो सबसे ज्यादा कौंध रहा है वो यह है कि क्या अक्षत अकेले इस पूरी वारदात को अंजाम दे सकता है? साथ ही उसने हत्या की प्लानिंग अकेले की या कोई और भी शामिल है. चूंकि, पूरी घटना के समय बहन कृति साथ थी ऐसे में उसपर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. हालांकि, अक्षत ने बहन को बेकसूर बताया है. 

Advertisement

सरेंडर की तैयारी में था अक्षत 

पुलिस का कहना है कि अक्षत पिता मानवेंद्र की हत्या करने के बाद थाने में सरेंडर करने की तैयारी में था. तो फिर आखिर उसने ऐन मौके पर अपना इरादा क्यों बदला? शव के टुकड़े करने का प्लान क्यों बनाया? फिलहाल, अक्षत की कॉल डिटेल की पड़ताल की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, किसी अन्य की भूमिका मिली तो कार्रवाई की जाएगी. 

सूत्रों की मानें तो पहले अक्षत का विचार था कि वह हत्या के बाद पुलिस को फोन करेगा या फिर आशियाना थाने में जाकर सरेंडर कर देगा. हालांकि, एक करीबी के फोन पर उसने अपना इरादा बदल दिया.

कौन है वो करीबी?

दावा किया जा रहा है कि उसी करीबी के कहने पर अक्षत ने पिता की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई और शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची. पुलिस अब उस करीबी के बारे में साक्ष्य जुटा रही है. परिवार के लोगों की कॉल डिटेल खंगाल रही है. उम्मीद है कि मानवेंद्र और अक्षत की सीडीआर से कई राज सामने आएंगे.

Advertisement

मानवेंद्र किन लोगों से बात करते थे, इसके बारे में भी पुलिस पता लगाएगी. हत्या के बाद अक्षत ने किन लोगों से संपर्क किया था, इसकी जानकारी भी की जा रही है. इसमें उसके एक दोस्त का नाम सामने आ रहा है. यही नहीं वारदात के समय मकान में मौजूद लोगों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे. मकसद यही है कि इस हत्या में किसी और की संलिप्तता तो नहीं है.

पुलिस के रडार पर किराएदार और परिजन

जांच में अब कई अनसुलझे सवाल पुलिस को परेशान कर रहे हैं. करीब 110 किलो वजनी शव को अक्षत अकेले तीसरी मंजिल से नीचे कैसे लाया, इसकी पड़ताल हो रही है. साथ ही, गोली चलने की आवाज पहली मंजिल पर रहने वाले चाचा और दूसरी मंजिल के किराएदारों ने क्यों नहीं सुनी, यह भी संदिग्ध है. घटना के अगले दिन किराएदार का घर छोड़कर चले जाना भी पुलिस की जांच के दायरे में है. पुलिस अब मानवेंद्र के भाई से भी पूछताछ करने की तैयारी में है.

19 फरवरी को हुई थी हत्या 

मालूम हो कि आशियाना बंगला बाजार में 19 फरवरी को अक्षत ने अपने पिता और शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की उनके घर की तीसरी मंजिल पर गोली मारकर हत्या कर दी. अक्षत ने भारी आक्रोश में आकर लाइसेंसी राइफल से पिता का सिर उड़ा दिया और फिर साक्ष्य मिटाने के लिए शव के छह टुकड़े कर दिए. उसने शव को सड़ने से बचाने के लिए इंटरनेट का सहारा लिया और ऑनलाइन आरी व चाकू मंगवाए. पुलिस ने तीन दिन की पूछताछ के बाद बुधवार को आरोपी को जेल भेज दिया है, जबकि अन्य लोगों की भूमिका की जांच अब भी जारी है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »